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देश में सबसे पहले महाकाल मंदिर में हुआ होलिका दहन, वैदिक मंत्रों से जली होली

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देश में सबसे पहले महाकाल मंदिर में हुआ होलिका दहन, वैदिक मंत्रों से जली होली


देश में सबसे पहले महाकाल मंदिर में हुआ होलिका दहन, वैदिक मंत्रों से जली होली


उज्जैन, 02 मार्च (हि.स.)। देशभर में सोमवार की रात होलिका दहन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर से हुई।

गौरतलब है कि देश में सभी त्यौहार सबसे पहले महाकालेश्वर मंदिर में मनाए जाते हैं। यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है। सोमवार को शाम 7.30 बजे होली का पर्व सबसे पहले उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मनाया गया। परंपरा के अनुसार इस बार भगवान महाकाल को केवल एक किलो हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया गया। संध्या आरती के दौरान पुजारी ने भगवान को गुलाल अर्पित किया। जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर परिसर में गोबर के उपलों से बनी होलिका का दहन किया गया।

सुरक्षा कारणों से इस बार भी आम श्रद्धालुओं को होलिका दहन स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई। पूर्व में हुई आग की घटना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतते हुए यह फैसला लिया है। होलिका दहन में संभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहें।

मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर में सबसे पहले होली मनाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है, जिसमें भगवान को प्रतीकात्मक रूप से गुलाल अर्पित किया जाता है। महाकाल मंदिर में धुलेंडी का पर्व मंगलवार को ही मनाया जाएगा। इस दौरान तड़के सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को गुलाल लगाया जाएगा। इसके बाद भगवान का भांग और चंदन से विशेष शृंगार किया जाएगा।

देश में सबसे पहले भगवान महाकाल को गुलाल लगाने के बाद होलिका दहन किया गया। इसके बाद पूरे प्रदेश में होलिका दहन शुरू हो गया। इंदौर के राजवाड़ा में भव्य स्तर पर होलिका दहन में लोगों की भीड़ उमड़ी रही है। भोपाल, जबलपुर ग्वालियर सहित प्रदेश के सभी शहरों में होलिका दहन जारी है। इस वर्ष भी होली पर्व को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।

मुख्यमंत्री निवास में हुआ होलिका का दहन

इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार देर शाम भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका की विधि-विधान से सपत्नीक पूजा-अर्चना कर होलिका का दहन किया। होलिका में गौ-काष्ठ का उपयोग किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी सीमा यादव, अन्य परिजन एवं म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक अशोक कड़ेल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पदस्थ सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को होली की बधाई देकर प्रसादी के रूप में गुझिया वितरित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होलिका दहन कर प्रदेशवासियों को रंग पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली हम सबको रंगों से सराबोर कर देने वाला त्यौहार है। होली हमें एकजुट रहने की सीख देती है। हम सभी को अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर होली से रंगपंचमी तक प्रेमपूर्वक यह त्यौहार मनाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर