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मप्र सरकार ने मानी इंटर्न डॉक्टर्स की मांग, 50 फीसदी बढ़ाया स्टाइपेंड, आंदोलन खत्म

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मप्र सरकार ने मानी इंटर्न डॉक्टर्स की मांग, 50 फीसदी बढ़ाया स्टाइपेंड, आंदोलन खत्म


भोपाल, 09 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में तीन दिन से आंदोलन कर इंटर्न डॉक्टरों को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को राज्य सरकार ने मान लिया है। सरकार ने बुधवार को उनका स्टाइपेंड 50 फीसदी बढ़ा दिया है। इसके बाद इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार को इंटर्न्स, जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) के प्रतिनिधियों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में पत्रकार वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अब 21,500 रुपये स्टाइपेंड मिलेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की इस मांग पर पहले से ही चर्चा चल रही थी। मुख्यमंत्री डॉ यादव सतत संवाद कर रहे थे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर में कहा कि सकारात्मक चर्चा का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। प्रतिनिधिमंडल ने निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने युवा चिकित्सकों से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा से चिकित्सकों को वास्तविक परिस्थितियों को समझने और व्यापक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार डॉक्टरों को तैयार करने में पूरा सहयोग कर रही है और अपेक्षा है कि चिकित्सक अपने बॉन्ड की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं देंगे चिकित्सक समाज के लिए महत्वपूर्ण एसेट हैं। मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार और मुस्कुराकर बात करना भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को सकारात्मक समाधान के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे डॉक्टरों को रोकने के दौरान पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया था। डॉक्टरों ने लाठीचार्ज का भी आरोप लगाया। सरकार ने अब इस मामले में भी कार्रवाई की है। मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना की जानकारी मिलते ही नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घायल डॉक्टरों के उपचार की व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं।

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टर का भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ा प्रदर्शन चल रहा था। इसका असर प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी सेवाओं पर पड़ा। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार दोपहर 12 बजे तक ओपीडी बंद रही। सीनियर डॉक्टर ने मरीजों को देखा। किडनी और लिवर के मरीज परेशान होते दिखे। हमीदिया अस्पताल में बुधवार को सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए, जबकि सामान्य दिनों में 40 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर