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मप्र सरकार का बड़ा फैसला, हर स्नातक पाठ्यक्रम में शहीदों की पत्नी एवं बच्चों के लिए अब एक सीट रहेगी आरक्षित

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मप्र सरकार का बड़ा फैसला, हर स्नातक पाठ्यक्रम में शहीदों की पत्नी एवं बच्चों के लिए अब एक सीट रहेगी आरक्षित


मप्र सरकार का बड़ा फैसला, हर स्नातक पाठ्यक्रम में शहीदों की पत्नी एवं बच्चों के लिए अब एक सीट रहेगी आरक्षित


- उच्च शिक्षा विभाग ने समस्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को जारी किए निर्देश

भोपाल, 16 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश सरकार ने शहीदों के परिजनों के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के परिपालन में उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में पुलिस, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) में शहीद होने वाले कर्मियों की विधवाओं तथा उनके आश्रित बच्चों के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित की है।

इस संबंध में उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा ने शनिवार को सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं। विभागीय निर्देशानुसार प्रत्येक स्नातक पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त एक सुपरन्यूमेरेरी (अतिरिक्त) सीट निर्धारित की गई है, इससे नियमित सीटों की संख्या प्रभावित नहीं होगी। इस आरक्षण का लाभ केवल पात्र अभ्यर्थियों को सक्षम प्राधिकारी(गृह विभाग अथवा संबंधित विभाग) द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर मिलेगा। पात्र अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर पृथक श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करना होगा।

उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को लिखे पत्र में कहा है कि प्रवेश मार्गदर्शिका 2026-27 में एक अतिरिक्त सीट का आरक्षण करना अनिवार्य है। यह अतिरिक्त सीट प्रदेश के सभी स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में आरक्षित रखी जाएगी। इसमें पुलिस, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के शहीदों की विधवा और उनके आश्रित बच्चों के लिए रिजर्वेशन दिया जाएगा।

उच्च शिक्षा आयुक्त ने कहा है कि हर स्नातक पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीट के अलावा एक सीट सुपर न्यूमेरेरी सीट बनाई गई है। यह सीट नियमित सीट्स की संख्या को प्रभावित नहीं करेगी यानी प्रवेश के लिए जितनी सीट्स पहले से तय हैं उनकी संख्या में कोई कमी नहीं होगी।

उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा है कि यह निर्णय शहीद कर्मियों के परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार का संवेदनशील एवं सराहनीय कदम साबित होगा।

ये होंगे इस अतिरिक्त सीट के लिए पात्र

उच्च शिक्षा विभाग ने कहा कि जो अतिरिक्त सीट तय की गई है उसमें केवल ऐसे उम्मीदवार पात्र होंगे जो पुलिस, होमगार्ड या नागरिक सुरक्षा के शहीद की विधवा या उनके आश्रित पुत्र या पुत्री होंगे। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी घोषित किए गए गृह विभाग या अन्य संबंधित विभाग द्वारा जारी आश्रित होने का प्रमाण पत्र और अन्य सामान्य प्रवेश संबंधी दस्तावेज लिए जाएंगे। ऐसे उम्मीदवार को ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर अलग कैटेगरी या विकल्प के माध्यम से आवेदन करना होगा। हर पाठ्यक्रम में अधिकतम एक अतिरिक्त सीट ही इसके लिए दी जा सकेगी। यदि एक से अधिक पात्र अभ्यर्थी हैं तो मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा। यदि किसी पाठ्यक्रम में पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होता है तो सीट रिक्त रखी जाएगी। यह सीट किसी अन्य श्रेणी या अभ्यर्थी को आवंटित नहीं की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर