home page

मप्रः कूनो से मादा चीता निर्वा गायब, एक सप्ताह से अधिक समय से नहीं मिला सुराग

 | 
मप्रः कूनो से मादा चीता निर्वा गायब, एक सप्ताह से अधिक समय से नहीं मिला सुराग


भोपाल, 24 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता ‘निर्वा’ के एक सप्ताह से अधिक समय से लापता होने का मामला सामने आया है। उसके ठिकाने का पता लगाने के लिए वन विभाग की टीमें तलाश में जुटी हैं।

हालांकि, इस संबंध में पार्क प्रबंधन की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले को लेकर वन्यजीवों की निगरानी व्यवस्था और विभागीय स्तर पर बरती गई कथित लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

बताया गया है कि निर्वा के गले में लगा रेडियो कॉलर यानी कॉलर आईडी पहले से खराब था। इसके चलते उसकी गतिविधियों और वास्तविक लोकेशन की निगरानी प्रभावित होने की बात कही जा रही है। निर्वा के लापता होने को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय तथा केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव से शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है।

वन्यजीव विशेषज्ञ एवं आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर निर्वा के लापता होने की जानकारी साझा की है। उन्होंने कूनो के फील्ड डायरेक्टर पर वन्यजीवों की निगरानी की तुलना में नागरिकों और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर निशाना बनाने का आरोप लगाया। दुबे ने मामले में मैदानी स्तर पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

दो शावकों की मां है निर्वा

अजय दुबे के अनुसार, निर्वा वही मादा चीता है जिसके दो शावक हैं और जो पहले भी विभिन्न कारणों से चर्चा में रही है। उनका दावा है कि उसके गले में लगा कॉलर लंबे समय से काम नहीं कर रहा था। ऐसे में उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखना वन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया।

निर्वा के लापता होने के बीच आगरा में जुलाई के दौरान पकड़े गए कथित शिकारियों के मामले का भी उल्लेख किया जा रहा है। दुबे के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के आगरा में पकड़े गए एक गिरोह से पूछताछ के दौरान छह चीतों के शिकार की बात सामने आने का दावा किया गया था। इसी आधार पर उन्होंने आशंका जताई कि कहीं निर्वा भी शिकारियों का निशाना तो नहीं बनी?

कूनो प्रबंधन ने कहा- जानकारी होने पर जारी करेंगे प्रेस विज्ञप्ति

मामले में कूनो राष्ट्रीय उद्यान के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने कहा कि यदि इस संबंध में कोई जानकारी साझा करनी होगी तो प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी। उन्होंने फिलहाल मामले पर इससे अधिक जानकारी देने से इनकार किया।

इधर, आगरा में पकड़े गए छह आरोपियों से पूछताछ के बाद अगस्त के पहले सप्ताह में श्योपुर सामान्य वन मंडल से सटे अगरा बीट में शिकार किए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही गई थी। यह क्षेत्र कूनो राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से लगा हुआ है।

शिवपुरी के डीएफओ ने कूनो क्षेत्र में करीब 100 कैमरा ट्रैप लगाए जाने की जानकारी दी थी। शिकार से जुड़े क्षेत्र में भी कैमरे लगाए जाने की बात सामने आई थी। अगरा बीट में जुलाई के अंतिम सप्ताह में 10 तेंदुओं की खाल बरामद किए जाने के बाद आरोपियों की निशानदेही पर विजयपुर-कराहल क्षेत्र से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

डीएफओ यह भी स्वीकार कर चुके हैं कि तेंदुओं को रेडियो कॉलर नहीं लगाए जाने के कारण उनके लापता होने की जानकारी पहले से सामने नहीं आ सकी थी। अब मादा चीता निर्वा के लापता होने और उसके कॉलर के खराब होने की बात ने कूनो में वन्यजीवों की निगरानी व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर