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ईडी ने मप्र में पूर्व जिला आबकारी अधिकारी की 18.20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

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ईडी ने मप्र में पूर्व जिला आबकारी अधिकारी की 18.20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की


नई दिल्ली, 02 जून (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अलीराजपुर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया और उनके परिवार के सदस्यों की लगभग 18.20 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में नकदी, आभूषण, बहुमूल्य धातुएं तथा अचल संपत्तियां शामिल हैं।

ईडी ने बताया कि एजेंसी ने यह जांच इंदौर लोकायुक्त के विशेष पुलिस स्थापना(एसपीई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। प्राथमिकी में धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था। ईडी के अनुसार जांच में सामने आया कि वर्ष 1987 से 31 अगस्त 2025 तक की जांच अवधि में भदौरिया ने अपनी वैध आय की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। इस अवधि में उनकी वैध आय लगभग दो करोड़ रुपये थी, जबकि उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने लगभग 11.18 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं और खर्च किए। इस प्रकार करीब 9.18 करोड़ रुपये की संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई गई, जो उनकी वैध आय से लगभग 459 प्रतिशत अधिक है। लोकायुक्त द्वारा विभिन्न परिसरों और बैंक लॉकरों पर की गई तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोने के आभूषण, बुलियन, चांदी के सामान और अन्य कीमती वस्तुएं बरामद की गई थीं। ईडी की जांच में भदौरिया ने बरामद नकदी और आभूषणों पर अपना स्वामित्व स्वीकार किया, लेकिन उनके स्रोत के संबंध में कोई विश्वसनीय दस्तावेज या संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके।

जांच एजेंसी के अनुसार भदौरिया और उनके परिवार के पास जांच अवधि के दौरान अर्जित कई उच्च मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां पाई गईं, जिनके लिए इस्तेमाल की गई धनराशि के स्रोत का संतोषजनक विवरण उपलब्ध नहीं कराया जा सका। ईडी की पीएमएलए जांच में कुल 18.20 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्तियों का पता चला है। इस संबंध में जानकारी पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत लोकायुक्त को भी साझा की जा रही है।

ईडी ने कहा कि अपराध से अर्जित आय को छिपाने, हस्तांतरित करने अथवा बेचने से रोकने और भविष्य में जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर