ईडी की इंदौर में बड़ी कार्रवाई, बैंक धोखाधड़ी में 13 करोड़ की 18 संपत्तियां अटैच
इंदौर, 12 सितम्बर (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश के इंदौर में बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आलोक शारदा और अन्य की 13 करोड़ रुपये मूल्य की 18 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है।
ईडी के क्षेत्रीय कार्यालाय द्वारा शनिवार को जानकारी दी गई कि यह जांच ईओडब्ल्यू भोपाल द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामला आईडीबीआई बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ कथित धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित है।
फर्जी वेयरहाउस रसीदों से 42 किसानों के नाम पर लोन
ईडी के अनुसार, जांच में सामने आया कि इंदौर जिले के मानपुर स्थित शारदा वेयरहॉउस के प्रोपराइटर आलोक शारदा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर वेयरहाउस रसीद वित्त योजना का दुरुपयोग किया। वेयरहाउस में किसानों की सोयाबीन और चना उपज रखे होने का दावा करते हुए फर्जी रसीदें जारी की गईं। इन रसीदों के आधार पर 62,965 बोरी सोयाबीन और चने के एवज में 42 किसानों के नाम पर लोन मंजूर कराया गया। बाद में गिरवी रखी गई कृषि उपज को बिना अनुमति वेयरहाउस से निकालकर बेच दिया गया।
दो वित्तीय संस्थाओं को करीब 26 करोड़ के नुकसान का आरोप
ईडी के अनुसार, जांच में यह सामने आया कि आईडीबीआई बैंक को इस मामले में करीब 14.04 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज ने इसी वेयरहॉउस में रखी बताई गई कृषि उपज के आधार पर 12.04 करोड़ रुपये का वेयरहाउस रसीद वित्त स्वीकृत किया था। बाद के भौतिक सत्यापन में गिरवी रखे माल में भारी कमी मिली।
ईडी का कहना है कि दोनों मामलों को मिलाकर आरोपियों ने बैंक और वित्तीय कंपनी को करीब 26 करोड़ रुपये का गैर-कानूनी नुकसान पहुंचाया और अनुचित लाभ हासिल किया। ईडी ने जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों में से 13 करोड़ रुपये मूल्य की 18 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

