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संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत शनिवार से जबलपुर के तीन दिवसीय प्रवास पर

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संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत शनिवार से जबलपुर के तीन दिवसीय प्रवास पर


भोपाल, 23 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत अपने नियमित प्रवास के अंतर्गत 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक तीन दिवसीय जबलपुर प्रवास पर रहेंगे। इस प्रवास के दौरान वे संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे तथा स्वयंसेवकों एवं दायित्ववान कार्यकर्ताओं से संवाद कर उनका मार्गदर्शन करेंगे।

संघ के महाकौशल प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख विनोद कुमार ने बताया कि डॉ. भागवत प्रवास के प्रथम दिन शनिवार को जबलपुर महानगर में निवासरत संघ के प्रमुख स्थानीय पदाधिकारियों से मुलाकात भी करेंगे। इसके बाद वे मुख्य शिक्षक एवं उनसे ऊपर के दायित्ववान कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान संगठनात्मक कार्यों से जुड़े विषयों पर चर्चा के साथ कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे।

डॉ. मोहन भागवत 25 अक्टूबर को महाकौशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के शिविर को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के जरिए वे युवा स्वयंसेवकों से सीधे संवाद करेंगे। महाकौशल प्रांत, संघ के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसमें 38 राजस्व जिले शामिल हैं, जिनके संभागीय मुख्यालय जबलपुर, सागर और रीवा में हैं। प्रवास के अंतिम दिन 26 अक्टूबर को डॉ. भागवत महाकौशल प्रांत की कार्यकारिणी और विभाग टोली के सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। इसमें संघ के संगठनात्मक कार्यों, गतिविधियों और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही आगामी कार्ययोजना को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

सरसंघचालक के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। केशव कुटी स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को आदेश जारी कर सरसंघचालक डॉ. भागवत के 24 से 26 अक्टूबर तक के जबलपुर प्रवास के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर रेल्वे स्टेशन, राईट टाउन स्थित केशव कुटी, सरस्वती शिक्षा परिषद नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज तथा करमेता स्थित श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज की 500 मीटर की आवागमन की परिधि में ड्रोन उड़ाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है।

अपर जिला दंड़ाधिकारी रविशंकर राय द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर