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मप्र के धार में ऐतिहासिक भोजशाला के पीछे वाली जमीन पर मुस्लिम समाज ने अदा की जुमे की नमाज

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मप्र के धार में ऐतिहासिक भोजशाला के पीछे वाली जमीन पर मुस्लिम समाज ने अदा की जुमे की नमाज


मप्र के धार में ऐतिहासिक भोजशाला के पीछे वाली जमीन पर मुस्लिम समाज ने अदा की जुमे की नमाज


मप्र के धार में ऐतिहासिक भोजशाला के पीछे वाली जमीन पर मुस्लिम समाज ने अदा की जुमे की नमाज


- सुप्रीम कोर्ट ने तय किया था स्थान, स्थानीय लोगों ने निजी भूमि बताकर किया विरोध

धार, 31 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर के पीछे बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 612 की जमीन पर मुस्लिम पक्ष ने शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की।

दरअसल, उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद मुस्लिम पक्ष ने जिला प्रशासन से चर्चा के दौरान इस जमीन पर नमाज अदा करने की सहमति जताई थी। शुक्रवार को यहां बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे और जुमे की नमाज अदा की। इससे पहले प्रशासनिक अमले ने बारिश से गीली जमीन पर तिरपाल बिछाई। पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान पुलिस भी तैनात रही।

हालांकि, इससे पहले सुबह स्थानीय हिन्दू समाज के लोगों ने इस जमीन को निजी बताकर नमाज के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि जिस जगह नमाज की अनुमति दी गई है, वह हमारी जमीन है। हम लंबे समय से इस पर खेती करते आ रहे हैं। हम यहां नमाज नहीं होने देंगे। यदि जरूरत पड़ी तो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। जानकारी मिलते ही एसडीएम राजकुमार हलदर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आपत्तिकर्ताओं को समझाइश दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी पूरी सुनवाई होगी, इसके बाद प्रदर्शन शांत हो सका।

इधर, कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने कहा कि खसरा नंबर 611 और 612 की जमीन से कमाल मौला मस्जिद सीधे दिखाई देती है, इसीलिए हम यहां नमाज पढ़ने के लिए राजी हुए। उन्होंने कहा कि अगले शुक्रवार तक यदि अदालत का कोई नया अंतरिम या अंतिम निर्णय आता है, तो हम और प्रशासन दोनों उसका पालन करेंगे।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद प्रकरण को लेकर पूर्व में दिए अपने अंतरिम आदेश को स्पष्ट करते हुए मुस्लिम समाज के लोगों को नमाज अदा करने का स्थान तय किया था, यह भोजशाला के समीप दरगाह परिसर की जमीन है। साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिया गया था कि वह दरगाह की इस जमीन पर हर शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच मुस्लिमों को नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

न्यायालय के आदेश की जानकारी मिलते ही गुरुवार देर शाम धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और एसपी सचिन शर्मा प्रशासनिक अमले के साथ भोजशाला पहुंचे। यहां राजस्व विभाग की टीम ने उच्चतम न्यायालय द्वारा चिंहित किए गए खसरा नंबर की जानकारी देते हुए नमाज के तय स्थान के बारे में उन्हें विस्तृत जानकार दी। इसके बाद देर रात मुस्लिम समाज के शहर काजी वकार सादिक, सदर अब्दुल समद सहित समाज के वरिष्ठों के साथ कलेक्टर राजीव रंजन मीणा व एसपी सचिन शर्मा ने बैठक की। इसमें भोजशाला परिसर की बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 611 और 612 स्थित भूमि पर नमाज पढ़ने के लिए जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच सहमति बनी।

इसके बाद शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच मुस्लिम समाज के लोग नमाज के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचे। बारिश के कारण जमीन गीली होने पर वहां तिरपाल बिछाई गई। शुरुआत में करीब 10 से 15 लोग जुमे की नमाज अदा करने पहुंचे। धीरे-धीरे नमाजियों का सिलसिला बढ़ते-बढ़ते 100 से ऊपर पहुंच गया। कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के सदर अब्दुल समद एवं याचिकाकर्ता भी नमाज पढ़ने स्थल पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर