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सुगम व्यापार नीतियों से विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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सुगम व्यापार नीतियों से विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


सुगम व्यापार नीतियों से विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


- दावोस में ‘इन्वेस्ट इन इंडिया: मध्य प्रदेश’ राउंडटेबल मीटिंग हुई आयोजित

दावोस/भोपाल, 21 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सुगम व्यापार वातावरण (ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस) पर केंद्रित नीतियों के माध्यम से विकास को नई गति दे रही है। उन्होंने राज्य की सुदृढ़ अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और जल, भूमि, श्रम और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता को निवेशकों के लिए बड़ी ताकत बताया।

मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को स्वीट्जरलैंड के दावोस में आयोजित 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' में ‘इन्वेस्ट इन इंडिया: मध्य प्रदेश – एक रणनीतिक निवेश केंद्र’ पर आयोजित राउंडटेबल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख और उभरते निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में ऑटोमोबाइल, नवकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र, आईटी–आईटीईएस, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क जैसे क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने अंतरराराष्ट्रीय एवं घरेलू निवेशकों से इन क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही नीतिगत सहायता और विभिन्न प्रोत्साहनों की जानकारी भी साझा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उन उद्योगों और व्यवसायों को विशेष सहयोग देगी, जो मध्यप्रदेश में रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करेंगे। यदि किसी निवेश प्रस्ताव को विशेष या अनुकूलित समर्थन की आवश्यकता होगी, तो निवेश प्रोत्साहन के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति (कैबिनेट कमेटी फॉर इन्वेस्टमेंट प्रमोशन) ऐसे प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी।

राउंडटेबल चर्चा में शामिल निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने पर्यटन, मनोरंजन, डिजाइन, नवकरणीय ऊर्जा, निर्यात, रसायन, अल्कोहल, टेक्सटाइल पार्क, वित्तीय क्षेत्र, आईटी–आईटीईएस, जीसीसी और बौद्धिक संपदा जैसे क्षेत्रों में नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर अपने सुझाव साझा किए। इनमें जिरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ, हिताची इंडिया के कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. भारत कौशल, एमोविया की सह-संस्थापक एवं सीईओ कैरन बाएर्ट, एंटोरा एनर्जी के सीईओ एंड्रयू पोर्निक, एबी इनबेव (AB InBev ) के ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) एंड्रिस पेनेटा, न्यू दिल्ली हब के संस्थापक एवं अध्यक्ष ईशान प्रताप सिंह, एचसीएल टेक्नोलॉजीज के ग्लोबल सीटीओ कल्याण कुमार शामिल रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार निवेश अनुकूल नीतियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्विस पार्लियामेंट के नेशनल काउंसिल सदस्य गगर से की चर्चा

मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावोस में स्विट्ज़रलैंड संसद की नेशनल काउंसिल के सदस्य सेम्युअल गगर से चर्चा की। उन्होंने गगर को बताया कि मध्य प्रदेश देश में सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला राज्य है और जनजातीय कल्याण, सतत आजीविका तथा समावेशी विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान रखते हैं। उन्होंने आर्थिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ मिलेट उत्पादन पर केंद्रित प्रयासों की जानकारी दी और बताया कि यह पहल जनजातीय समुदाय की आय, पोषण और आत्मनिर्भरता से सीधे जुड़ी हुई है।

बैठक में स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल समाधानों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। औद्योगिक ऑटोमेशन और स्थिरता के क्षेत्रों में स्विस विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए मध्य प्रदेश में औद्योगिक क्षमताओं को और सुदृढ़ करने पर सहमति बनी। साथ ही, नवकरणीय ऊर्जा, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी रेखांकित की गईं।

स्विस संसदीय प्रतिनिधियों को मध्य प्रदेश आमंत्रित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिससे पर्यावरण-संरक्षण और इंडस्ट्रियल ट्रांजिशन जैसे विषयों पर नीति स्तर पर अनुभव और दृष्टिकोण का आदान-प्रदान किया जा सके। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश की जलवायु और स्थिरता से जुड़ी पहलों में स्विस निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी पर भी विचार किया गया।

बैठक में यह भी सहमति बनी कि नवकरणीय ऊर्जा और उन्नत निर्माण के क्षेत्रों में तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मध्य प्रदेश के युवाओं को कौशल-संपन्न बनाने के लिए सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे। हरित तकनीकी पर अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए स्विस विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त नवाचार करने की संभावनाओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश को स्विस यात्रियों के लिए हेरिटेज और इको-टूरिज्म के आकर्षक स्थान के रूप में प्रस्तुत करने तथा लोगों के बीच संबंध मजबूत करने के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों की योजना बनाने पर भी विचार किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर