एआई आधारित नवाचारों से किसान और समाज के विभिन्न वर्ग होंगे सशक्त: मुख्यमंत्री डॉ यादव
- वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम-2026 में एनवीडिया के साथ मप्र का एआई साझेदारी पर हुआ संवाद
दावोस/भोपाल, 21 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी उपयोग से किसानों सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिक दक्षता और पारदर्शिता के साथ पहुँचाया जाएगा। राज्य सरकार की मंशा है कि एआई को विभिन्न शासकीय डाटाबेस से जोड़कर सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाया जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी समयबद्ध रूप से योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात बुधवार को दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में एनवीडिया (NVIDIA) की ग्लोबल एआई इनिशिएटिव्स की उपाध्यक्ष कैलिस्टा रेडमंड के साथ हुई बैठक में कही। मध्य प्रदेश में एआई और उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित पहलों के विस्तार, नवाचार को प्रोत्साहन देने और संभावित सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत और सार्थक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश ने भूमि, श्रम और लॉजिस्टिक्स जैसे अपने मजबूत पक्षों का रणनीतिक और प्रभावी उपयोग करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक आधारित विकास को गति दी है। शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल प्लेटफॉर्म और नवाचारों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया गया है, वहीं कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों को बेहतर जानकारी, सेवाएँ और निर्णय-सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। डिजिटल समाधान, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों को अपनाकर शासन व्यवस्था और सेवा वितरण को अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनाया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य नागरिकों तक योजनाओं और सेवाओं की समयबद्ध एवं लक्षित पहुँच सुनिश्चित करना है, जिससे तकनीक के माध्यम से समावेशी और सतत विकास को साकार किया जा सके।
कैलिस्टा रेडमंड ने कहा कि NVIDIA संप्रभु (सॉवरेन) एआई के विकास के लिए पाँच प्रमुख रणनीतियों पर कार्य कर रही है, जिनका उद्देश्य एआई को देशों की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाना है। उन्होंने बताया कि एआई के माध्यम से कुशल मानव संसाधन को उपयुक्त उद्योगों और अवसरों से प्रभावी रूप से जोड़ा जा सकता है, जिससे न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों में संचालित एआई पायलट प्रोजेक्ट्स का उल्लेख करते हुए कहा कि NVIDIA की मंशा है कि एआई समाधान भारत की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित हों तथा वे भारतीय मॉडल और डेटा से जुड़े हों, ताकि तकनीक अधिक प्रासंगिक, उपयोगी और प्रभावी सिद्ध हो सके।
बैठक में मध्य प्रदेश सरकार और NVIDIA ने इस सार्थक संवाद को आगे बढ़ाते हुए राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने, साझेदारी के अवसरों की पहचान करने और पारस्परिक लाभ के आधार पर दीर्घकालिक सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे राज्य में नवाचार, कौशल विकास और तकनीक-आधारित विकास को नई दिशा मिल सके।
मप्र के मुख्यमंत्री और मालदीव के मंत्री सईद के बीच पर्यटन और बहु-क्षेत्रीय सहयोग को लेकर बनी सहमति
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 के अवसर पर दावोस में बुधवार को मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद से वन-टू-वन चर्चा की। बैठक में पर्यटन को साझा आधार बनाते हुए चिकित्सा, शिक्षा, वन्य जीव संरक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार किया गया।
दावोस में आयोजित इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश और मालदीव के बीच कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ परस्पर पूरक क्षमताओं के आधार पर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित की जा सकती है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा पर्यटन, मत्स्य पालन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, वन्य जीव संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों को सहयोग के प्रमुख आयाम बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वन्य जीव अभयारण्य, तेजी से उभरता मेडिकल इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और सांस्कृतिक विरासत राज्य को वैश्विक सहयोग के लिए एक सक्षम भागीदार बनाते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पर्यटन आधारित सहयोग से निवेश, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क को मजबूती मिलेगी।
मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद ने पर्यटन को दोनों क्षेत्रों के बीच स्वाभाविक और सशक्त सेतु बताया। उन्होंने कहा कि मालदीव, मध्य प्रदेश के साथ मिलकर पर्यटन, मानव संसाधन विकास और अनुभव साझा करने के अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी संवाद को संस्थागत रूप देने, प्रतिनिधिमंडल स्तर के दौरों को प्रोत्साहित करने और सहयोग के ठोस रोडमैप पर आगे बढ़ने पर सहमति व्यक्त की। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर हुई यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

