राहुल गांधी से अपना कुनबा संभल नहीं रहा, वे अपनों की गर्दन दबाने में लगे हैं: मुख्यमंत्री मोहन यादव
भोपाल, 27 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एसआईआर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से अपना कुनबा नहीं संभल रहा है। वे अपने साथियों की गिरेबान में हाथ डालते-डालते उनकी गर्दन दबाने में लगे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता को में राहुल गांधी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस और अखिलेश यादव के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपना गठबंधन और संगठन संभालना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के सहयोगी दलों के साथ उसके संबंधों पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश रायबरेली जा रहे हैं तो आप कह रहे हो कि मैं सैफई में भी आ सकता हूं। उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर दूसरे राजनीतिक दलों में गए नेताओं का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि नाच न जाने, आंगन टेढ़ा वाली स्थिति कांग्रेस की है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और दुनिया का सबसे युवा देश है। ऐसे में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी है कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं और संसद की मर्यादा का ध्यान रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग एसआईआर को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। फॉर्म-6 के डिक्लेरेशन और SIR के निर्णय को लेकर भी आयोग ने स्पष्टीकरण दिया है। इसके बावजूद कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के आधिकारिक निर्णय पर बार-बार सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी के पुराने राजनीतिक बयानों का जिक्र करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट और 'चौकीदार चोर' जैसे मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने बयानों के लिए पहले भी माफी मांगनी पड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब केरल और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता मिली तो चुनाव प्रक्रिया को लेकर ऐसे सवाल नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस लगातार सत्ता से बाहर है, वहां पार्टी को यह विचार करना चाहिए कि जनता उससे दूर क्यों हो रही है। मोहन यादव ने कहा कि बिना सत्ता के रहना कांग्रेस का स्वभाव नहीं है, लेकिन जनता कांग्रेस की राजनीति को नजदीक से देख रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से अपनी कमियों पर विचार करने की बात कही।
मोहन यादव ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को अपने नेतृत्व से सवाल करना चाहिए। अगर कांग्रेस का कुनबा लगातार बिखर रहा है और नेता उससे दूर जा रहे हैं तो पार्टी को इसकी वजह अपने भीतर तलाशनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं को अपने 'राजकुमार' को समझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए विपक्ष के नेता से भी जिम्मेदार और मर्यादित आचरण की अपेक्षा रहती है।
कांग्रेस जनता में भ्रम फैला रहीः खंडेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर बार-बार आरोप लगाकर जनता में भ्रम और अविश्वास पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को तीनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से एसआईआर के निर्णय को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। खंडेलवाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंतरिक विचार-विमर्श सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे आधार बनाकर राजनीतिक आरोप लगाना गलत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

