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मप्र : मुख्यमंत्री की घोषणा - अब शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी और माता-पिता को मिलेगे 50-50 लाख

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मप्र : मुख्यमंत्री की घोषणा - अब शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी और माता-पिता को मिलेगे 50-50 लाख


मप्र : मुख्यमंत्री की घोषणा - अब शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी और माता-पिता को मिलेगे 50-50 लाख


मप्र : मुख्यमंत्री की घोषणा - अब शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी और माता-पिता को मिलेगे 50-50 लाख


मप्र : मुख्यमंत्री की घोषणा - अब शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी और माता-पिता को मिलेगे 50-50 लाख


भोपाल, 21 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि अब केवल पत्नी को नहीं, बल्कि उनके बुजुर्ग माता-पिता को भी दी जाएगी। सरकार ने सहायता राशि का 50 फीसदी शहीद की पत्नी और 50 फीसदी नके बुजुर्ग माता-पिता को देने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस पर आयोजित समारोह में संबोधित करते हुए यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश का 35 साल पुराने नक्सलवाद के दंश से बाहर आना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ने इस चुनौती पर विजय प्राप्त की है। इस लड़ाई में पुलिस जवानों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया और अपने प्राणों की आहुति भी दी।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने बताया कि एक सितंबर, 2025 से 31 अगस्त, 2026 के बीच मध्य प्रदेश पुलिस के 9 अधिकारी-कर्मचारी कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, समर्पण और त्याग का संकल्प है। शहीदों के परिवार पुलिस परिवार का हिस्सा हैं और उनका ध्यान रखना पुलिस विभाग की नैतिक जिम्मेदारी है।

डीजीपी ने हॉक फोर्स के दिवंगत निरीक्षक आशीष शर्मा के बलिदान का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आशीष शर्मा लंबे समय तक बालाघाट के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहे और कई मुठभेड़ों में वीरता और सूझबूझ का परिचय दिया। उनके बलिदान के बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियानों को और गति दी।

डीजीपी के मुताबिक, वर्ष 2025 नक्सल विरोधी अभियानों की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। मानसून के दौरान भी अभियान जारी रहे। इसी वर्ष सबसे अधिक मुठभेड़ और आत्मसमर्पण हुए। इस दौरान 110 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिए गए। दिवंगत निरीक्षक आशीष शर्मा के भाई को अनुकंपा नियुक्ति भी दी गई है।

डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाया। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश 11 दिसंबर 2025 को देश का पहला नक्सल मुक्त राज्य बना।

डीजीपी ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने बड़ी चुनौती रहा। मध्यप्रदेश में नक्सलवादी हमलों में 38 सुरक्षा जवानों और 58 नागरिकों ने जान गंवाई। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस अधिकारियों और जवानों के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को गुजरात के केवड़िया में विशेष परेड आयोजित की जाएगी। डीजीपी के मुताबिक, इसकी थीम ‘नक्सलमुक्त भारत’ रखी गई है। मध्य प्रदेश हॉक फोर्स की टुकड़ी और बैंड भी इसमें हिस्सा लेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर