मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सपत्नीक किया मप्र के ऐतिहासिक नगर महेश्वर का भ्रमण
इंदौर, 05 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर आए भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को सपत्नीक ऐतिहासिक नगर महेश्वर पहुंचकर यहां प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।
इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने महेश्वर में मां नर्मदा के दर्शन कर मध्य प्रवाह में स्थित बाणेश्वर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात उन्होंने देवी अहिल्याबाई किला, अहिल्याबाई की गादी संग्रहालय तथा नर्मदा तट का भ्रमण किया।
मुख्य निर्वाचन ने महेश्वर स्थित रेवा सोसाइटी का भी भ्रमण किया, जहां उन्होंने महेश्वरी साड़ियों के निर्माण की पारंपरिक प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बुनकरों की हस्तकला एवं उत्कृष्ट कारीगरी की सराहना की। इस दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुरभि तिवारी सहित खरगोन की उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती हेमलता सोलंकी, एसडीएम पूर्वा मंडलोई उपस्थित रहे।
भ्रमण के उपरांत मुख्य निर्वाचन ने कहा कि महेश्वर में मां नर्मदा और भगवान बाणेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा लोकमाता को श्रद्धासुमन अर्पित करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने महेश्वर की ऐतिहासिक धरोहरों, अहिल्या किले की उत्कृष्ट नक्काशी तथा महेश्वरी साड़ियों के निर्माण में बुनकरों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और हस्तशिल्प की यह परंपरा देश की अमूल्य धरोहर है तथा इन कारीगरों पर पूरे देश को गर्व है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के महेश्वर पहुंचने पर खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने भी उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में किए ज्योतिर्लिंग दर्शन, पूजा –अर्चना कर लिया आशीर्वाद
इससे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार सुबह तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने नैवेद्य भोग एवं मंगल आरती में सहभागिता कर भगवान ममलेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार शनिवार देर शाम ही ओंकारेश्वर पहुंच गए थे। यहां रात में उन्होंने भगवान ओंकारेश्वर की शयन आरती कर पूजा अर्चना भी की थी। उन्होंने परिवारजनों के साथ ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित श्रृंगार आरती एवं शयन श्रृंगार में सहभागिता की। रात्रि विश्राम के बाद उन्होंने रविवार सुबह ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर पूजा-अर्चाना की।
दर्शन उपरांत मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैंने सहपरिवार 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर लिये। आज का दिन उनके जीवन का अत्यंत विशेष, भावनात्मक एवं अविस्मरणीय दिवस है। उन्होंने कहा कि अपनी धर्मपत्नी के साथ पवित्र श्री ज्योतिर्लिंग में दर्शन एवं पूजा-अर्चना का सौभाग्य प्राप्त होना उनके लिए ईश्वर की विशेष कृपा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में उन्होंने संकल्प लिया था कि जीवन में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करेंगे। इस संकल्प की पूर्ति वर्ष 2026 में श्री ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ संपन्न हुई। लगभग 23 वर्षों की इस लंबी आध्यात्मिक यात्रा के पूर्ण होने पर उन्होंने भगवान महादेव के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सब उनकी असीम कृपा से संभव हो सका
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक सशक्त एवं पारदर्शी लोकतंत्र के लिए देश के मतदाताओं के स्वास्थ्य एवं अध्यात्म तथा देश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। इस दौरान खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता, एसपी आगम जैन सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने दिया अध्यात्म का संदेश
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने समस्त देशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अध्यात्म को महत्व एवं विशेष स्थान देना चाहिए। अध्यात्म हमें आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में संतुलन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर है, जिससे जुड़कर हम भारतीयता का वास्तविक अनुभव कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने देश की प्रगति और समृद्धि के लिए सभी नागरिकों से सकारात्मक सहभागिता निभाने तथा राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

