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मप्र कैबिनेट का फैसला : अगले पांच साल जारी रहेंगी लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाएं

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मप्र कैबिनेट का फैसला : अगले पांच साल जारी रहेंगी लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाएं


मप्र कैबिनेट का फैसला : अगले पांच साल जारी रहेंगी लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाएं


- लाड़ली बहना योजना के संचालन के लिए 1,14,365 करोड़ और लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये स्वीकृत

भोपाल, 18 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक में महिलाओं के हित में बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। लाड़ली बहना योजना के लिए 1,14,365 करोड़ और लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बैठक में लिए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तर संचालन के लिए एक लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वालंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023, लागू की गई है। योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभार्थी महिलाओं को प्रत्येक माह 1500 रूपये मासिक आर्थिक सहायता राशि को उनके डीबीटी सक्रिय खाते में प्रदाय किया जा रहा है। वर्तमान में लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद ने मध्य प्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना का वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 16 हजार 326.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर, स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार और उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू की गई है। योजना में अब तक लगभग 50.99 लाख बालिकाओं को लाभांवित किया जा चुका है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को कक्षा 6वीं में प्रवेश पर 2 हजार रुपये, कक्षा 9वीं में प्रवेश पर 4 हजार रुपये, कक्षा 11वीं में प्रवेश पर रुपये 6 हजार रुपये और कक्षा 12वीं में प्रवेश पर 6 हजार रुपये ई-पेंमेंट के माध्यम से प्रदाय किया जाता है। महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर प्रथम वर्ष में प्रोत्साहन राशि 12,500 रुपये एवं अंतिम वर्ष में 12,500 रुपये दो समान किश्तों में प्रदाय किया जाता है। साथ ही 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 2,137.65 लाख करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्री सिंह ने बताया कि मंत्रि-परिषद ने मिशनशक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत केन्द्र प्रवर्तित योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तरता एवं क्रियान्वयन के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में नकद प्रोत्साहन प्रदान करना एवं द्वितीय प्रसव में बालिका जन्म को प्रोत्साहन प्रदान करना है। योजना अन्तर्गत प्रथम प्रसव वाली पात्र गर्भवती महिला को गर्भावस्था का शीघ्र पंजीकरण एवं अंतिम मासिक चक्र (एल.एम.पी) के 6 माह के अंदर कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच कराने पर प्रथम किश्त तीन हजार रुपये और बच्चे के जन्म के पंजीकरण एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर द्वितीय किश्त दो हजार रुपये, इस प्रकार कुल 5 हजार रुपये तथा द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म पर प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने के पश्चात् 6 हजार रुपये का लाभ एक किश्त में प्रदान किये जाने का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के 35 नवीन पदों की स्वीकृति

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम की पदीय सरंचना में पूर्व में स्वीकृत 288 पदों के अतिरिक्त 35 नवीन पदों एवं पूर्व से स्वीकृत 07 पदों की निरंतरता आगामी 5 वर्षों अर्थात् 18 सितम्बर 2031 तक रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार समस्त नियुक्तियों के लिए समेकित वेतनमान का निर्धारण करने, विभिन्न पदों की प्रतिपूर्ति के लिए न्यूनतम अर्हता/योग्यता विहित करने के लिए प्रबंध संचालक अधिकृत होंगे। पदोन्नति के लिए न्यूनतम अर्हता तथा प्रक्रिया संचालक मंडल द्वारा विहित की जा सकेगी तथा कार्य के स्वरूप के मद्देनजर किसी पद का पदनाम परिवर्तन संचालक मंडल कर सकेगा। इसके फलस्वरूप कुल 4 करोड़ 12 लाख रुपये का वार्षिक वित्तीय भार आना संभावित है, जिसकी पूर्ति निगम द्वारा अपने स्त्रोतों से की जायेगी।

वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 734 करोड़ रुपये की स्वीकृति

इसके अलावा कैबिनेट ने प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने से संबंधित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत योजनाओं के एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 734 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। पिछले 20 वर्षों में प्रदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन द्वारा बजट में लगभग 150 गुना वृद्धि की गई है।

निर्णय अनुसार अनुसंधान योजना तथा विकासीय गतिविधियों' से संबंधित योजना के लिए 201 करोड़ 28 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना के अंतर्गत अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ कर विज्ञान-आधारित एवं साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के माध्यम से सुदूर संवेदन एवं GIS, अनुसंधान एवं विकास, जैव प्रौद्योगिकी, पेटेंट सूचना, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, ग्रामीण प्रौद्योगिकी तथा एटलस परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, नवाचार, कौशल विकास, बौद्धिक संपदा संरक्षण एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर