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मप्र के बैतूल जिले की सतपुड़ांचल एफपीसी को मिला राष्ट्रीय सम्मान

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मप्र के बैतूल जिले की सतपुड़ांचल एफपीसी को मिला राष्ट्रीय सम्मान


- सीआईआई एफपीओ उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 में मूल्यवर्धन एवं ब्रांडिंग श्रेणी में मिली विशेष पहचान

भोपाल, 23 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की जनजातीय महिला किसानों की अगुवाई में कार्यरत सतपुड़ांचल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने अपनी मेहनत, नवाचार और मिलेट्स आधारित उद्यमिता के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का गौरव बढ़ाया है। कंपनी को चौथे सीआईआई एफपीओ उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 में ‘मूल्यवर्धन एवं ब्रांडिंग’ श्रेणी में चयनित कर ‘विशेष पहचान’ से सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित सीआईआई एफपीओ शिखर सम्मेलन 2026 में कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश देशमुख ने यह सम्मान प्राप्त किया। दो ऑनलाइन साक्षात्कार की प्रक्रिया के बाद कंपनी के कार्यों को उपलब्धि हासिल हुई है।

बैतूल कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने बताया कि जिले के मिलेट उत्पादों की ब्रांडिंग, विपणन और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नाबार्ड के सहयोग से स्थापित सतपुड़ांचल एफपीसी ‘स्व-सहायता समूह से स्टार्टअप’ की अवधारणा पर जनजातीय महिला किसानों को संगठित कर मिलेट्स प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन एवं विपणन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया, सतपुड़ांचल एफपीसी की विशेषता है कि यह किसानों के पारंपरिक मोटे अनाज को आधुनिक खाद्य उत्पादों के रूप में विकसित कर बाजार तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। ‘सतपुड़ांचल मिलेट’ ब्रांड के अंतर्गत कंपनी मिलेट्स आधारित उत्पादों की पहचान, गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन को मजबूत करने की दिशा में कार्यरत है। जनजातीय महिला किसानों को संगठित कर उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण एवं बाजार संपर्क तक की गतिविधियों को आगे बढ़ाना कंपनी की ग्रामीण उद्यमिता आधारित पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कंपनी का यह प्रयास केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय कृषि उपज का मूल्य बढ़ाने, महिला किसानों के लिए व्यावसायिक अवसर विकसित करने और मिलेट्स को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

सीआईआई एफपीओ शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान सतपुड़ांचल एफपीसी ने अपने मिलेट उत्पादों को उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों और अन्य प्रमुख हितधारकों के समक्ष प्रदर्शित किया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने संभावित खरीदारों के साथ उत्पादों की बिक्री, विपणन और व्यावसायिक सहयोग को लेकर चर्चा की। कई खरीदारों ने कंपनी के उत्पादों में रुचि दिखाई, जिससे नए बाजारों तक पहुंच बनाने और व्यावसायिक साझेदारियां विकसित करने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इस उपलब्धि से सतपुड़ांचल एफपीसी को अपने उत्पादों की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने, नए व्यावसायिक संपर्क विकसित करने और बैतूल के मिलेट्स को व्यापक बाजारों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

सीआईआई क्या है और यह पुरस्कार क्यों दिया जाता है?

सीआईआई अर्थात भारतीय उद्योग परिसंघ देश का प्रमुख उद्योग संगठन है। इसके अंतर्गत खाद्य एवं कृषि उत्कृष्टता केंद्र कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में कार्य करता है। सीआईआई एफपीओ उत्कृष्टता पुरस्कार के माध्यम से कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग, नवाचार एवं बाजार विस्तार में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसान उत्पादक संगठनों को पहचान और प्रोत्साहन दिया जाता है। इसका उद्देश्य सफल किसान उत्पादक संगठन मॉडलों को सामने लाना तथा किसान उत्पादक संगठनों को अधिक सक्षम, व्यावसायिक और बाजारोन्मुख बनाने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

सतपुड़ांचल एफपीसी को मिला यह विशेष सम्मान कंपनी की टीम, उससे जुड़ी जनजातीय महिला किसानों और बैतूल जिले में मिलेट्स आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान दर्शाता है कि स्थानीय संसाधनों, महिला किसानों की सामूहिक शक्ति और सुनियोजित मूल्यवर्धन के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकते हैं। कंपनी का लक्ष्य इस उपलब्धि से मिली प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए उत्पादों की बिक्री, ब्रांड की पहचान और किसानों के लिए बाजार के अवसरों को और मजबूत करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर