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बाबा महाकाल का आलौकिक शृंगार, सांसद मनोज तिवारी ने किया जलाभिषेक

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बाबा महाकाल का आलौकिक शृंगार, सांसद मनोज तिवारी ने किया जलाभिषेक


बाबा महाकाल का आलौकिक शृंगार, सांसद मनोज तिवारी ने किया जलाभिषेक


उज्जैन, 08 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में श्रावण कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर शनिवार सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का आलौकिक शृंगार किया गया। वहीं, दिल्ली सांसद मनोज तिवारी ने भगवान महाकाल के दर्शन कर जलाभिषेक किया।

भाजपा सांसद मनोज तिवारी शनिवार सुबह सपरिवार उज्जैन पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के दर्शन कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर उनके साथ उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने बाबा महाकाल से देश की निरंतर प्रगति, सुख-समृद्धि और देशवासियों की खुशहाली की प्रार्थना की।

भाजपा नेता मनोज तिवारी ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में कावड़ियों के प्रति अनर्गल टिप्पणी करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि धार्मिक परंपराओं और शिवभक्तों का विरोध करने वाले लोग राक्षसी प्रवृत्ति के हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर किसी को अपने पंथ का पालन करने का अधिकार है लेकिन किसी दूसरे की आस्था का अनादर करने का हक किसी को नहीं है। उन्होंने सभी से एक-दूसरे की धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करने का आह्वान किया।

भाजपा सांसद तिवारी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि महाकाल मंदिर में परिवार संग जल चढ़ाना और भस्म आरती की दिव्यता को महसूस करना अत्यंत अलौकिक रहा। बाबा के दरबार में प्रार्थना कर मन असीम शांति और अलौकिक ऊर्जा से भर गया है।

इससे पहले महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के परंपरानुसार भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शकर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया।

महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। पुजारियों और पुरोहितों ने बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया। इसके बाद बाबा महाकाल को रजत ॐ, बिल्वपत्र मुकुट और रुद्राक्ष की माला धारण कराकर आकर्षक श्रृंगार किया गया। भगवान के मस्तक पर त्रिपुंड और त्रिशूल सजाया गया। साथ ही डमरू और शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला अर्पित की गई। इस दौरान बाबा महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।

उन्होंने बताया कि कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती संपन्न हुई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दौरान भस्म आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। पूरा मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर