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ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री और अधिकारियों ने किया ऐतिहासिक स्थल मांडू का भ्रमण

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ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री और अधिकारियों ने किया ऐतिहासिक स्थल मांडू का भ्रमण


ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री और अधिकारियों ने किया ऐतिहासिक स्थल मांडू का भ्रमण


ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री और अधिकारियों ने किया ऐतिहासिक स्थल मांडू का भ्रमण


ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री और अधिकारियों ने किया ऐतिहासिक स्थल मांडू का भ्रमण


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ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री और अधिकारियों ने किया ऐतिहासिक स्थल मांडू का भ्रमण


ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री और अधिकारियों ने किया ऐतिहासिक स्थल मांडू का भ्रमण


- नृत्य दलों के साथ थिरकते हुए मुख्य द्वार तक पहुंचे, मांडू की वास्तुकला, सांस्कृतिक विरासत और मालवा की मेहमान नवाजी से हुए अभिभूत

इंदौर, 12 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में 9 जून से 13 जून तक आयोजित ब्रिक्स देशों के महत्वपूर्ण कृषि सम्मेलन में सहभागिता कर रहे विदेशी मेहमानों ने शुक्रवार शाम को धार जिले की ऐतिहासिक नगरी मांडू का भ्रमण कर कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। पूर्व का शिराज के नाम से प्रसिद्ध मांडू की 15वीं शताब्दी की स्थापत्य कला, उन्नत जल-संरक्षण तकनीक एवं सांस्कृतिक धरोहर को देखकर ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री और अधिकारी विदेशी अभिभूत हो गए।

मांडू पहुंचने पर जिला प्रशासन द्वारा विदेशी मेहमानों का स्वागत मालवी परंपराओं के साथ पुष्पवर्षा से किया गया। ब्रिक्स देश से आए मेहमानों का स्वागत पारंपारिक नृत्य दलों द्वारा नृत्य प्रस्तुति से किया गया। नृत्य दल द्वारा आदिवासी ढोल, थाली की थाप पर कुराटीया मारते हुए नृत्य किया, जिसे देख विदेशी मेहमान भी साथ में थिरकने लगे और नृत्य दलों की प्रस्तुति से खुश होकर उनकी सराहना की।

जिले की पहचान बाग प्रिंट स्टॉल का किया अवलोकन

मांडू के ऐतिहासिक जहाज महल के मुख्य द्वार पर आजीविका मिशन की दीदियों द्वारा बाग प्रिंट स्टॉल लगाया गया था। ब्रिक्स देश से आए विदेशी मेहमानों ने जिले की पहचान बाग प्रिंट स्टॉल का अवलोकन किया। यहां उन्होंने हस्तशिल्प कला से बनी बाग प्रिंट उत्पादों का अवलोकन किया। स्टॉल संचालक ने विदेशी मेहमानों को बाग प्रिंट का डेमोंस्ट्रेशन करके भी दिखाया, तब मेहमानों ने स्वयं भी बाग प्रिंट सांचे से डिजाइन का निर्माण किया। विदेशी मेहमानों ने शिल्पकारों की उनकी इस कला की सराहना की। शिल्पकारों ने मेहमानों को बाग प्रिंट उत्पाद भेंट भी किए।

विदेशी मेहमानों ने मांडू के प्रमुख स्थलों का किया अवलोकन किया

सर्वप्रथम विदेशी मेहमानों ने ऐतिहासिक जहाज महल का अवलोकन कर उसकी वास्तुकला की सराहना की। दो विशाल तालाबों मूंज और कपूर तालाब के बीच स्थित इस तैरते महल को देखकर सभी सदस्य चकित रह गए। अधिकृत पुरातत्वत गाइड ने जानकारी देकर बताया कि मानसून में चारों ओर पानी से घिर जाने पर यह जहाज जैसा प्रतीत होता है। मांडू की 500 वर्ष पुरानी जल-प्रबंधन प्रणाली की जानकारी दी, जिसकी ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने मुक्तकंठ से सराहना की।

विदेशी मेहमानों ने संरक्षण प्रयोगशाला का किया अवलोकन

जहाज परिसर में संरक्षण प्रयोगशाला में विदेशी मेहमानों ने पारंपरिक तरीके से बनाया गया मोर्टार देखा तथा उपस्थित अधिकारियों से बनाने की पूरी प्रक्रिया जानी। अधिकारी ने बताया कि मोर्टार टूटी हुई ईंट, गोंद, कबिट,मेथी दाना, उड़द का उपयोग कर पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है जिसका उपयोग महलों की दीवारों की मजबूती के लिए उपयोग किया जाता है।

जहाज महल परिसर में लाइट एंड साउण्ड शो का उठाया लुफ्त

विदेशी मेहमानों का मुख्य द्वार से जहाज महल में प्रवेश के बाद अधिकृत टूरिस्ट गाइड्स द्वारा विदेशी मेहमानों को माण्डू और जहाज महल के गौरवशाली इतिहास तथा स्थापत्य कला की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। जहाज महल परिसर में ही विशेष आकर्षण के रूप में ऐतिहासिक प्राचीर पर भव्य 'लाइट एंड साउण्ड शो' का प्रदर्शन किया गया।जिसमें मांडू के इतिहास की विस्तृत जानकारी जिसमें सुल्तानों से लेकर राजा भोज तक के शासन की कहानी प्रदर्शित की गई। जिससे जहाज महल का प्राचीर शाम को भव्य रहा।

विदेशी मेहमानों के लिए किया गया गाला डिनर का आयोजन

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भ्रमण के पश्चात रात में जिला प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स के सम्मान में एक यादगार गाला डिनर का आयोजन किया गया, जहां गाला डिनर में विशेष भोज का रखा गया। इनमें मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाटी, दाल-पानिया, सहित अन्य राज्यों के विशेष भोज भी शामिल रहे। मेहमानों ने विशेष व्यंजनों का स्वाद लिया, साथ ही म्यूजिक का भी आयोजन किया।

विदेशी मेहमानों ने मांडू भ्रमण पर किए अपने विचार व्यक्त

भ्रमण उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मांडू की प्राकृतिक सुंदरता देखकर मंत्रमुग्ध होकर कहा कि मांडू न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के इस युग में जल-संरक्षण की प्राचीन तकनीकों के लिए एक जीवंत स्थल है।

इस मौके पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, विधायक नीना वर्मा, इंदौर संभागायुक्त डॉ सुदाम खाड़े, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर