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मप्र के मैहर में तीन दिवसीय 52वां उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत समारोह 13 नवंबर से

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मप्र के मैहर में तीन दिवसीय 52वां उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत समारोह 13 नवंबर से


- देश और प्रदेश के सुविख्यात कलाकार देंगे संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियां

भोपाल, 06 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर में पद्म विभूषण उस्ताद अलाउद्दीन खाँ की स्मृति में संस्कृति विभाग की 'उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी' द्वारा 52वें संगीत समारोह का आयोजन 13 से 15 नवंबर, 2026 तक किया जा रहा है। समारोह में देश और प्रदेश के सुविख्यात कलाकार संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियाँ देंगे।

'उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी' के निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को बताया कि इस तीन दिवसीय समारोह का संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी 13 नवंबर को शाम 7 बजे शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने बताया कि मुख्य समारोह की पूर्व संध्या पर 12 नवंबर को 'पूर्वरंग' का आयोजन होगा। इसमें स्थानीय और क्षेत्रीय कलाकार भारतीय शास्त्रीय गायन, वादन एवं नृत्य की प्रस्तुतियाँ देंगे। समारोह के तीनों दिन मुख्य प्रस्तुतियों से पूर्व 'मैहर वाद्य वृंद' का वादन भी होगा।

अकादमी के उप निदेशक शेखर करहाड़कर ने बताया कि समारोह के पहले दिन 13 नवंबर को शाम 7 बजे सरोद और गायन की जुगलबंदी होगी। इसमें शिराज अली खान सरोद बजाएंगे और कोलकाता के अरिंदम भट्टाचार्य शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद शांभवी शुक्ला मिश्रा और उनके साथी कथक नृत्य पेश करेंगे। अगली सभा में नासिक के पंडित प्रसाद खापर्डे का शास्त्रीय गायन होगा। प्रथम दिवस की अंतिम प्रस्तुति दिल्ली की विख्यात नृत्यांगना पद्मश्री गीता चंद्रन और उनके साथियों का भरतनाट्यम नृत्य होगी।

उन्होंने बताया कि 14 नवंबर को दूसरे दिन का आरंभ विशेष वृंद वादन से होगा। इसमें पंडित प्रसन्नजीत पोतदार, पद्मश्री येल्ला वेंकटेश्वर (मृदंग), पद्मश्री तरुण भट्टाचार्य (संतूर) और पद्मश्री रोनू मजूमदार (बाँसुरी) की संयुक्त प्रस्तुति होगी। इसके बाद दिल्ली की डॉ. अतसी मिश्रा और उनके साथी ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगे। अगली सभा में जयपुर की विदुषी दिव्या शर्मा का शास्त्रीय गायन होगा, जबकि दिन की अंतिम प्रस्तुति मुंबई के पंडित नित्यानंद हल्दीपुर का बाँसुरी वादन रहेगा।

समारोह के अंतिम दिन 15 नवंबर को सबसे पहले रायपुर की आर्या नंदे और उनके साथी ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद पुणे के अभिषेक बोरकर का सरोद वादन और ग्वालियर के निर्भय सक्सेना का शास्त्रीय गायन होगा। अगले क्रम में कोलकाता के पंडित सुगातो भादुड़ी मैंडोलिन बजाएंगे। समारोह का समापन उज्जैन की खुशबू पांचाल और उनके साथियों की कथक नृत्य प्रस्तुति के साथ होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर