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प्रधानमंत्री ओडिशा में 25,016 करोड़ की कोयला गैसीकरण परियोजना का करेंगे शिलान्यास

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प्रधानमंत्री ओडिशा में 25,016 करोड़ की कोयला गैसीकरण परियोजना का करेंगे शिलान्यास


- देश की पहली वाणिज्यिक स्तर की कोयले-से-अमोनियम नाइट्रेट उत्पादन परियोजना

नई दिल्ली, 19 जून (हि.स)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, आयात प्रतिस्थापन और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए शनिवार (20 जून) को ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में 25,016 करोड़ रुपये की कोयला गैसीकरण परियोजना की आधारशिला रखेंगे।

कोयला मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि कोयला गैसीकरण प्रोत्साहन पहल से कोयला उत्पादक क्षेत्रों में 25 परियोजनाओं में 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश को बढ़ावा मिलने और लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

लखनपुर परियोजना देश की पहली वाणिज्यिक स्तर की कोयला-से-अमोनियम नाइट्रेट उत्पादन में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। ये परियोजना एमसीएल के कब्जे वाली लगभग 350 एकड़ भूमि पर बनेगी, जिसे आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है और शिलान्यास समारोह के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। कोयला मंत्रालय ने इस तरह की परियोजनाओं के लिए कोयला युक्त भूमि के उपयोग को मंजूरी दी है और प्रोत्साहन योजना के तहत 1,350 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान कर रहा है।

कोयला मंत्रालय के मुताबिक इस परियोजना का विकास भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के संयुक्त उद्यम भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) द्वारा किया जा रहा है। यह बीएचईएल द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित कोयला गैसीकरण तकनीक का उपयोग करके प्रतिदिन 2,000 टन अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करेगी। इसके लिए अप्रैल में बीसीजीसीएल और सीआईएल की सहायक कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के बीच भूमि पट्टे का समझौता हुआ था।

सरकार ने कोयला गैसीकरण की अपार संभावनाओं को देखते हुए देशभर में सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 46,000 करोड़ रुपये तक के कुल परिव्यय वाली प्रोत्साहन योजनाओं को मंजूरी दी है। यह परियोजना भविष्य की कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए एक आदर्श के रूप में कार्य करेगी और भारत के विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर और औद्योगिक शक्ति बनने के विजन में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

भारत विश्व में कोयले का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है और कोल इंडिया लिमिटेड विश्व स्तर पर सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है। भारत के पास 400 अरब टन से अधिक का विश्व का पांचवां सबसे बड़ा कोयला भंडार है। कोयला गैसीकरण के माध्यम से इन संसाधनों का उपयोग करके देश के औद्योगिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाया जा सकता है, साथ ही महत्वपूर्ण कच्चे माल और रसायनों पर आयात निर्भरता को भी कम किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि भारत वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये के अंतिम उपयोग और मध्यवर्ती रासायनिक उत्पादों का आयात करता है। कोयले के गैसीकरण से आयात को कम करने, विदेशी मुद्रा की बचत करने, घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर