home page

पुलिस ने मनोज जरांगे की दूसरी अर्जी भी ठुकराई, अकेले मुंबई कूच की घोषणा, समर्थकों से गांवों में रहने की अपील

 | 
पुलिस ने मनोज जरांगे की दूसरी अर्जी भी ठुकराई, अकेले मुंबई कूच की घोषणा, समर्थकों से गांवों में रहने की अपील


मुंबई, 14 सितंबर (हि.स.)। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की ओर से मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल की अनुमति के लिए दी गई दूसरी अर्जी भी सोमवार को पुलिस ने नामंजूर कर दी। इसके बाद जरांगे ने कहा कि वह मंगलवार को अकेले मुंबई कूच करेंगे। उन्होंने समर्थकों से फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की भूमिका में रहने और अपने-अपने गांवों में सुरक्षित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर मराठा समाज को मुंबई बुलाया जाएगा।

इससे पहले जरांगे की ओर से आजाद मैदान पुलिस थाने में भूख हड़ताल की अनुमति के लिए अर्जी दी गई थी, जिसे पुलिस ने रविवार को सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए नामंजूर कर दिया था। इसके बाद सोमवार सुबह नई अर्जी दी गई। इसमें कहा गया था कि जरांगे अब केवल पांच से 10 कार्यकर्ताओं के साथ भूख हड़ताल करेंगे। हालांकि, पुलिस ने दूसरी अर्जी भी खारिज कर दी।

इस बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बाबत कहा कि मनोज जरांगे की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। केवल उन्हीं मांगों को स्वीकार नहीं किया गया है, जो कानूनी दायरे में नहीं आतीं। उन्होंने जरांगे से आंदोलन वापस लेने की अपील की।

दरअसल, जरांगे के अनशन का सोमवार को 17वां दिन है। उन्होंने कहा कि मुंबई जाने का फैसला वापस नहीं लिया गया है और वह तय रूट से ही मुंबई जाएंगे। हालांकि, अब उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि वह दो कार और दो एंबुलेंस के साथ मुंबई जाएंगे, ताकि रास्ते में किसी वाहन में खराबी आने पर परेशानी न हो।

जरांगे ने कहा, कल हम सुबह 11 बजे मुंबई के लिए निकलेंगे। मुंबई जाने की बात वापस नहीं ली जाएगी। इससे समाज के स्वाभिमान को ठेस नहीं पहुंचेगी। मैं तय रूट से मुंबई जाना चाहता हूं। मेरे साथ दो एंबुलेंस होंगी और 10 लोगों से ज्यादा कोई नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि सलाइन और पानी की वजह से उन्हें परेशानी हो रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अकेले मुंबई जाने का फैसला किया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब वह अकेले जा रहे हैं तो क्या उन्हें मुंबई जाने की अनुमति दी जाएगी।

जरांगे ने राज्य सरकार पर त्योहारों की आड़ में मराठा आंदोलन को रोकने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह सरकार के कथित प्रयास को विफल करेंगे और अकेले मुंबई जाकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

उन्होंने मराठा समाज से अपील की कि समर्थक मंगलवार को मुंबई की ओर न आएं और अपने-अपने गांवों में सुरक्षित रहें। आंदोलन के लिए जिन ट्रेनों और वाहनों की व्यवस्था की गई है, उन्हें फिलहाल रोककर रखने को कहा गया है।

जरांगे ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सही समय पर समाज को मुंबई बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समर्थकों को परेशानी से बचाने के लिए उन्होंने अपना फैसला बदला है, लेकिन इसका मतलब आंदोलन से पीछे हटना नहीं है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव