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महाराष्ट्र में अवैध अंडाणु तस्करी मामले में ईडी की छापेमारी, 29 लाख रुपये नकद जब्त

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मुंबई, 22 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र में कथित अवैध मानव अंडाणु निष्कर्षण (ह्यूमन एग एक्सट्रैक्शन) रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ठाणे, बारामती और नासिक में अस्पतालों तथा आईवीएफ सेंटरों समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी कर 29 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। साथ ही छापेमारी के दौरान बैंक लॉकर और म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया गया। तलाशी में जांच से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद हुए हैं। इस मामले की गहन छानबीन जारी है।

इस मामले की छानबीन कर रहे ईडी के अधिकारी ने मीडिया को बताया कि इस मामले की जांच में ऐसे कथित नेटवर्क का पता चला है, जो आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अंडाणु दान के लिए तैयार करता था। इसके बाद विभिन्न फर्मों से जुड़े एजेंट इन महिलाओं को आईवीएफ सेंटरों और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) बैंकों तक पहुंचाते थे।

आरोप है कि महिलाओं को इस प्रक्रिया के लिए भुगतान किया जाता था और एजेंट भी प्रत्येक लेन-देन पर कमीशन लेते थे। जांच एजेंसी को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने के सबूत मिले हैं। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, सहमति पत्र, हलफनामे, जन्म प्रमाण पत्र, रक्त जांच रिपोर्ट और बीमा संबंधी दस्तावेज शामिल हैं।

ईडी को संदेह है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल अंडाणु दाताओं की पहचान छिपाने, उनसे बार-बार अंडाणु दान कराने और उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट दिखाने के लिए किया गया। एजेंसी के मुताबिक, महिलाओं को अंडाणु निकालने की प्रक्रिया के लिए महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के विभिन्न चिकित्सा केंद्रों पर भेजा जाता था। जांच में इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि कथित गतिविधियों के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं। बार-बार अंडाणु निकालने की प्रक्रिया से महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम हो सकते हैं। ऐसे में कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली और संबंधित चिकित्सा केंद्रों की भूमिका जांच के दायरे में है

यह मामला बदलापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी और उसके बाद दाखिल आरोपपत्र से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंजूषा वानखेड़े समेत 17 लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी तथा एआरटी और दवाओं एवं सौंदर्य प्रसाधनों से संबंधित कानूनों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।

ईडी ने बताया कि हालिया छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। एजेंसी ने कथित तौर पर कुछ अन्य डोनर-सप्लाई एजेंटों की पहचान भी की है। इसके अलावा, जांच के दौरान कई अचल संपत्तियों और बड़े निवेशों का पता चलने की बात कही गई है। फिलहाल, एजेंसी इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, कथित एजेंटों की भूमिका और आईवीएफ सेंटरों तथा एआरटी बैंकों से उसके संबंधों की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव