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महाराष्ट्र के पुणे में जबरन धर्मांतरण के आरोप में ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज, जांच जारी

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महाराष्ट्र के पुणे में जबरन धर्मांतरण के आरोप में ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज, जांच जारी


मुंबई, 11 अगस्त, (हि.स.)। महाराष्ट्र के पुणे जिला स्थित एक चर्च में प्रवचन के जरिए कथित तौर पर जबरन धर्मांतरण के प्रयास के मामले में एक ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ खडक़ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की गहन छानबीन खडक़ पुलिस स्टेशन की टीम कर रही है।

इस घटना की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि संबंधित आरोपित मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल उसके पास ब्रिटिश की नागरिकता है और वह भारत में नहीं रहता। पिछले कुछ दिनों से वह पुणे में रह रहा था और पुणे के गुरुवार पेठ स्थित एक चर्च में तीन दिन पहले प्रवचन तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुआ था। ब्रिटिश की नागरिकता वाले आरोपित पर आरोप लगाया है कि उसने इन धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए कथित तौर पर प्रलोभन दिया गया।

शिकायत के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता खडक़ पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि प्रवचन के दौरान वास्तव में क्या कहा गया था, क्या किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया गया और संबंधित गतिविधियों के लिए विदेशी नागरिक के पास आवश्यक कानूनी अनुमति थी या नहीं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुणे पुलिस के स्पेशल ब्रांच के पुलिस उपायुक्त डॉ. प्रशांत अमृतकर ने आज बताया कि महाराष्ट्र में नए धर्मांतरण विरोधी कानून को मंजूरी मिलने के बाद पुणे शहर में इसके तहत अब तक दो मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पहला मामला 5 अगस्त को फुरसुंगी पुलिस स्टेशन में, जबकि दूसरा मामला 9 अगस्त को खडक़ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।

फुरसुंगी में दर्ज पहले मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी के साथ बलात्कार किया गया और उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया। इस मामले की भी पुलिस जांच कर रही है। वहीं, खडक़ पुलिस स्टेशन में दर्ज दूसरे मामले में ब्रिटिश नागरिक पर कथित धर्मांतरण के प्रयास का आरोप है। पुलिस प्रवचन और धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़े तथ्यों, शिकायत में लगाए गए आरोपों तथा संबंधित व्यक्ति की भारत में धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी कानूनी स्थिति की जांच कर रही है। दोनों मामलों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव