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नोएडा हिंसा : झूठी सूचनाएं फैलाने में राजद के दाे प्रवक्ताओं समेत छह पर एफआईआर, कांग्रेस के दो नेता भी शामिल

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नोएडा हिंसा : झूठी सूचनाएं फैलाने में राजद के दाे प्रवक्ताओं समेत छह पर एफआईआर, कांग्रेस के दो नेता भी शामिल


नोएडा, 15 अप्रैल (हि.स.)। नगर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में वेतन बढ़ाने को लेकर श्रमिकाें के प्रदर्शन के दाैरान फर्जी वीडियाे साेशल मीडिया पर डालकर लाेगाें काे भड़काकर माहौल खराब करने के आराेप में पुलिस ने राष्ट्रीय जनता दल के दो प्रवक्ताओं, कांग्रेस की सोशल मीडिया के समन्वयक सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने बुधवार काे बताया कि नोएडा की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ वीडियो प्रसारित कर सार्वजनिक शांति भंग करने के मामले में राष्ट्रीय जनता दल की प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ नोएडा की साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि उप निरीक्षक सुशील कुमार की शिकायत पर 14 अप्रैल की रात को इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। उन्होंने बताया कि इन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो हैंडल से की गई पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक शांति एवं कानून व्यवस्था को भंग करने का गंभीर आरोप है। प्रियंका भारती ने अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट किया, जिसमें उसने एक वीडियो पोस्ट करते हुए इसे नोएडा का बताया है और टाइटल में लिखा है कि नोएडा में कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उनकी न्याय संगत मांगों को सरकार इस बेदर्दी से कुचलती हुई। एक अन्य ट्वीट में डॉक्टर कंचना यादव ने अपने एक हैंडल पर पोस्ट किया है कि गोदी मीडिया मजदूरों का पाकिस्तान कनेक्शन बता रही है, तो नोएडा पुलिस लात मारकर सैलरी बढ़ा रही है। इन दोनों पोस्ट के साथ अपलाेड किया गया वीडियो 11 अप्रैल की मध्य प्रदेश के शहडोल जनपद के बुढार थाना क्षेत्र का है।

उन्हाेंने बताया कि प्रियंका भारती एवं डॉक्टर कंचन यादव ने भ्रामक रूप से वीडियाे की घटना जनपद गौतमबुद्ध नगर की बताकर प्रसारित किया। उनके अनुसार यह पूर्णतया असत्य एवं भ्रामक है। इस वीडियाे के वायरल हाेने के बाद नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में जनता में आक्रोश एवं भय व्याप्त हो गया, जिसके कारण कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और इससे पुलिस की छवि खराब हुई है।

उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में उपनिरीक्षक अनिल कुमार ने थाना सेक्टर 20 में अनुषि तिवारी तथा मीर इलियास (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नामित सोशल मीडिया समन्वयक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। आरोप है कि अनुषि तिवारी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट कर दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जेन-जी प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई है, तथा यूपी पुलिस की चलाई गोली से 14 लोगों की माैत हो गई और 32 लोग घायल हो गए हैं। इस पोस्ट में ओन्ली कांग्रेस कैंन सेव इंडिया लिखकर एक राजनीतिक दल विशेष के प्रति झुकाव दर्शाया गया। इसी क्रम में दूसरे आरोपित मीर इलियास, जाे स्वयं को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नामित सोशल मीडिया समन्वयक बताता है, उसने इस झूठी सूचना को आगे बढ़ाया। उसने सवालिया लहजे में लिखा है कि भाजपा कहां है, शेष नेतृत्व कहां है।

पुलिस के मीडिया प्रभारी ने बताया कि इन दोनों पोस्ट में वर्णित पुलिस फायरिंग और माैत के आंकड़े पूर्णतः निराधार, काल्पनिक एवं झूठे हैं। दोनों ही खातों का राजनीतिक दल विशेष कांग्रेस से संबंध परिलक्षित होता है। आरोपिताें के इस असत्य कथन के प्रसारित करने से तात्कालिक परिणाम यह हुआ कि नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में जनता में रोष एवं भय व्याप्त हो गया एवं हिंसा उग्र हो गई।

पुलिस आयुक्त के मीडिया प्रभारी ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में तैनात उप निरीक्षक सुशील कुमार ने बीती रात को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 14 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एक्स पर एक पोस्ट की गई। जिसके माध्यम से सार्वजनिक शांति एवं कानून व्यवस्था को भंग करने का गंभीर अपराध प्रकाश में आया है। उनके अनुसार यूजर आरोपित जितेंद्र कुमार दौसा ने अपने फेसबुक हैंडल से पोस्ट किया जिसमें उसने एक वीडियो पोस्ट करते हुए इसे नोएडा की घटना बताया। उन्होंने बताया कि इस पोस्ट के साथ चला वीडियो मध्य प्रदेश के जनपद शहडोल के थाना बुढार क्षेत्र का है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने आराेपित जितेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया है। संबंधित पुलिसइन सभी मामलाें की जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी