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संशोधित...(अपडेट) छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट में 12 लोगों की मौत, छह की हालत नाजुक

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संशोधित...(अपडेट) छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट में 12 लोगों की मौत, छह की हालत नाजुक


संशोधित...(अपडेट) छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट में 12 लोगों की मौत, छह की हालत नाजुक


सक्ती, 14 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए बॉयलर विस्फोट में 12 मजदूरों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने की है। विस्फोट में 23 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं। इनमें से छह मजदूरों की हालत नाजुक है, जिन्हें रायगढ़ के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे में मृत मजदूरों एवं घायलों के प्रति गहरा शोक एवं संवेदना व्यक्त की। उन्होंने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' से प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2 लाख तथा गंभीर रूप से घायल प्रत्येक मजदूर को ₹50,000 देने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य सरकार द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹5 लाख की सहायता राशि तथा घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके। सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कमिश्नर बिलासपुर को घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक विस्फोट इतना तेज था कि मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे 18 मजदूरों को तत्काल रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान 8 और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। बाकी 6 घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

डॉक्टरों के अनुसार कई मजदूर 80 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। हादसे में कुल 30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रायगढ़ के मेट्रो हॉस्पिटल में 3 घायलों का इलाज जारी है, जबकि 2 मजदूरों को अपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। वहीं 6 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।प्रशासन द्वारा जारी शुरुआती सूची के अनुसार, हताहतों में स्थानीय और बाहरी दोनों श्रमिक शामिल हैं।

मृतकों में प्रमुख रूप से राम कुमार (सक्ती),सूरज प्रधान (ओडिशा)एवं मनोज यादव (बिहार)शामिल है। अन्य नामों की आधिकारिक पुष्टि जिला अस्पताल और पुलिस द्वारा की जा रही है।

घटना के बाद प्लांट परिसर के बाहर मजदूरों के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और मृतकों के लिए उचित मुआवजा व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने प्रशासन और प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही तथा घटना की जानकारी छिपाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव धरने पर बैठ गए हैं। इस गंभीर हादसे को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं।

हादसे के बाद वेदांता लिमिटेड ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि हादसा यूनिट-1 के बॉयलर ट्यूब में अचानक आए दबाव की वजह से हुआ। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह यूनिट उनके पार्टनर एनजीएसएल द्वारा संचालित और रख-रखाव के अधीन थी। कंपनी ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा दिलाना है और वे मृतकों के परिवारों को नियमानुसार अतिरिक्त मुआवजा देने पर विचार कर रहे हैं। सरकारी जांच के अलावा, वेदांता ने अपनी एक उच्च-स्तरीय तकनीकी टीम भी गठित की है जो इस बात की जांच करेगी कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में कहां चूक हुई।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। क्षेत्रीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने जिले के कलेक्टर और एसपी से फ़ोन पर चर्चा करते हुए हालत की जानकारी ली है। उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, “सक्ति जिला स्थित वेदांता प्लांट में हुई हालिया घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मैंने तत्काल सक्ति जिले के कलेक्टर और एसपी से फोन पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली।”

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हिन्दुस्थान समाचार