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ईडी की मप्र में बड़ी कार्रवाई, जबलपुर के प्रियंक मेहता की 3.67 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त

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ईडी की मप्र में बड़ी कार्रवाई, जबलपुर के प्रियंक मेहता की 3.67 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त


भोपाल, 23 जुलाई (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के अंतर्गत मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी राजुल ग्रुप के पार्टनर प्रियंक मेहता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करते हुए 5,02,954 अमेरिकी डॉलर यानी 3.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की है।

ईडी भोपाल कार्यालय द्वारा गुरुवार को जानकारी दी गई कि मेहता ने अमेरिका के वीजा कार्यक्रम में निवेश के लिए करीब साढ़े पांच लाख डालर विदेश भेजे थे। इसके बाद पुर्तगाल में प्रॉपर्टी खरीदी गई और विदेशी बैंक में पैसा जमा किया गया। ईडी ने यह कार्रवाई आयकर विभाग से मिली सूचना और जांच के आधार पर की है।

ईडी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि प्रियंक मेहता ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के अंतर्गत अमेरिका के ईबी-5 वीजा कार्यक्रम में निवेश के लिए 5,48,000 अमेरिकी डॉलर विदेश भेजे थे। जांच में यह पता चला कि भेजी गई राशि में से 5,02,954 अमेरिकी डॉलर, उस काम में उपयोग नहीं लाए गए, जिसके लिए भेजे गए थे।

ईडी की जांच के अनुसार, अमेरिका से वापस हुई राशि को भारत वापस लाने के बजाय सीधे पुर्तगाल भेज दिया गया। बाद में भारत से भेजी गई अतिरिक्त धनराशि के साथ इसे मिलाकर पुर्तगाल में अचल संपत्ति खरीदी गई। शेष राशि भी पुर्तगाल के एक विदेशी बैंक खाते में रखी गई। ईडी का कहना है कि विदेश में इस प्रकार विदेशी मुद्रा और संपत्ति का अधिग्रहण एवं उपयोग फेमा, 1999 की धारा 4 तथा धारा 10(6) का उल्लंघन है।

ईडी ने फेमा की धारा 37 ए(1) में जबलपुर स्थित प्रियंक मेहता की लगभग 3.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी के अनुसार, यह राशि विदेश में अवैध रूप से रखे गए 5,02,954 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि आयकर विभाग ने राजुल ग्रुप और प्रियंका मेहता के ठिकानों पर 2023 में सर्वे किया था। इस दौरान यह बात सामने आई कि मेहता के पास विदेशी संपत्तियां हैं। मेहता ने लिस्बन में एक रिहायशी फ्लैट खरीदा था। इस संपत्ति से उसे किराए के रूप में आमदनी हो रही थी। इसकी जानकारी मेहता ने आयकर रिटर्न फाइल करने के दौरान छुपाई थी। आयकर विभाग की सूचना पर ईडी ने इसी साल मार्च में प्रियंक मेहता के तीन ठिकानों पर छापा मारा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर