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राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में मप्र की बड़ी उपलब्धि, इंदौर, जबलपुर और भोपाल को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

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राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में मप्र की बड़ी उपलब्धि, इंदौर, जबलपुर और भोपाल को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान


- 7 सितंबर को दिल्ली में होगा सम्मान, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव देंगे ‘स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार’

भोपाल, 04 सितम्बर (हि.स. । स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद अब राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में भी मध्य प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंदौर और जबलपुर को शहर स्तरीय उत्कृष्ट वायु गुणवत्ता प्रबंधन तथा भोपाल के वार्ड क्रमांक-60 को वार्ड स्तरीय नवाचारों के लिए ‘स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार’ दिया जाएगा।

जनसंपर्क अधिकारी अवंतिका जायसवाल ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026' में मध्य प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के ध्येय को साकार करते हुए देश में पुनः अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ वायु, स्वस्थ भारत के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल एवं पर्यावरण-हितैषी नेतृत्व में प्रदेश ने प्रदूषण नियंत्रण, हरित आवरण विस्तार और नागरिक सहभागिता की दिशा में एक स्वर्णिम अध्याय रचा है।

उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में प्रदेश के इंदौर एवं जबलपुर को शहर स्तरीय उत्कृष्ट वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए तथा भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को वार्ड स्तरीय नवाचारों के लिए 'स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार' से अलंकृत किया जाएगा। यह राष्ट्रीय सम्मान 7 सितम्बर 2026 को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा ऑडिटोरियम में 'स्वच्छ वायु दिवस' समारोह के अवसर पर केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव द्वारा प्रदान किया जाएगा।

स्वच्छ वायु प्रबंधन में स्थापित किया नया प्रतिमान

देशभर में स्वच्छता के सर्वोत्कृष्ट प्रतिमान के रूप में स्थापित इंदौर शहर ने स्वच्छ वायु प्रबंधन के क्षेत्र में भी अपनी तकनीकी दक्षता एवं दृढ़ इच्छाशक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। इंदौर नगर निगम द्वारा प्रभावी रूप से संचालित धूल नियंत्रण उपायों, वैज्ञानिक सड़क सफाई व्यवस्था, हरित पट्टियों के निरंतर विस्तार, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के सुव्यवस्थित प्रबंधन तथा सघन जन-अभियानों ने शहर की आबो-हवा को निर्मल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। इसी श्रृंखला में जबलपुर नगर निगम ने भी स्वच्छ वायु मानकों के सर्वथा अनुकूल प्रदूषण नियंत्रण रणनीतियों, हरित पहलों और अनुकरणीय सामुदायिक भागीदारी के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रभावशीलता सिद्ध करते हुए यह गौरवपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। दोनों ही महानगरों ने यह प्रमाणित किया है कि जन-गण की सहभागिता से संचालित प्रत्येक प्रयास पर्यावरण संरक्षण में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।

भोपाल के वार्ड-60 के नवाचारों का परिणाम

जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम बार प्रारंभ की गई सूक्ष्म वार्ड-स्तरीय प्रतिस्पर्धा में भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 ने स्थानीय स्तर पर वायु गुणवत्ता सुधार और हरित विकास की जो मिसाल कायम की है, वह देश के शहरी निकायों के लिए अनुकरणीय है। वार्ड क्रमांक-60 ने वार्ड स्तर पर सघन स्वच्छता अभियानों, स्थानीय हरित आवरण संवर्धन, प्रदूषण-मुक्ति पहलों और नागरिकों की अनुशासित सहभागिता के माध्यम से इस राष्ट्रीय पुरस्कार पर अपना नाम अंकित कराया है।

नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा है कि यह अभूतपूर्व उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित एवं स्वच्छ भारत' के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में क्रियान्वित की जा रही सतत पर्यावरण नीतियों का प्रतिफल है। मध्य प्रदेश के नगर निकाय इसी निष्ठा और नागरिक सहभागिता के बल पर स्वच्छ वायु, हरित विकास और गुणवत्तापूर्ण जीवन के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में निरंतर अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत