home page

विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने गुजराती भजनों से लोगों को किया मंत्रमुग्ध

 | 
विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने गुजराती भजनों से लोगों को किया मंत्रमुग्ध


सूरत, 07 मई (हि.स.)। बिहार की प्रसिद्ध लोकगायिका और अलीनगर विधानसभा की विधायक मैथिली ठाकुर इन दिनों सूरत दौरे पर हैं। लोकगायिका ने स्वयं हीरे घिसे और गुजराती भजनों से लोगों को मंत्रमुग्ध भी किया।

अपनी मधुर आवाज और भजनों के लिए देशभर में लोकप्रिय मैथिली ठाकुर ने सूरत पहुंचकर एक अनोखा अनुभव लिया, जिससे शहरवासियों में भी खास उत्साह देखने को मिला। खास बात यह रही कि उन्होंने सूरत के प्रसिद्ध हीरा उद्योग को करीब से समझने की कोशिश की।

पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार करने के बाद मैथिली ठाकुर सीधे डायमंड सिटी सूरत पहुंचीं। यहां उन्होंने शहर की पहचान मानी जाने वाली हीरा इंडस्ट्री का दौरा किया। वे सूरत के प्रसिद्ध उद्योगपति सवजीभाई धोलकिया की हरिकृष्ण डायमंड फैक्ट्री में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचीं, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

फैक्टरी में विधायक ने रत्न कलाकारों के बीच बैठकर हीरे घिसने की प्रक्रिया को ध्यान से देखा। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद भी मशीन पर बैठकर कच्चे हीरे को घिसने का प्रयास किया। यह अनुभव उनके लिए बेहद खास और आश्चर्यजनक रहा। उन्होंने कहा कि हीरा घिसने का काम देखने में भले आसान लगता हो, लेकिन इसमें धैर्य, एकाग्रता और विशेष कौशल की जरूरत होती है। उन्होंने सूरत के कारीगरों की मेहनत और हुनर की दिल खोलकर प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने असली हीरे को हाथ में लेकर उसकी चमक और कटिंग को भी करीब से महसूस किया। उन्होंने कहा कि सूरत के कारीगर सचमुच जादू करते हैं, जो साधारण पत्थर को दुनिया के चमकते हीरे में बदल देते हैं।

फैक्टरी दौरे के दौरान विधायक मैथिली ने सवजीभाई धोलकिया से भी मुलाकात की। सवजीभाई ने उन्हें हीरा उद्योग का इतिहास और सूरत के विकास में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आधुनिक मशीनों और हजारों कर्मचारियों की कार्यप्रणाली देखकर मैथिली काफी प्रभावित नजर आईं। फैक्ट्री के कर्मचारियों में भी उनके साथ फोटो खिंचवाने का खास उत्साह देखने को मिला।

हीरा उद्योग की यात्रा के बाद मैथिली ने सूरत में आयोजित एक भक्ति कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। यहां उन्होंने अपनी गायकी से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल हिंदी और भोजपुरी ही नहीं, बल्कि गुजराती भाषा में भी भजन प्रस्तुत किए। उन्होंने भगवान कृष्ण का लोकप्रिय भजन “कानजी तारी गोवालण” और नरसिंह मेहता के पद गाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।

मैथिली ठाकुर की यह यात्रा सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में है। जहां हीरे घिसते हुए उनके वीडियो और गुजराती भजन गाती उनकी क्लिप्स तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग उनकी सादगी और नई चीजें सीखने की इच्छा की जमकर सराहना कर रहे हैं।

उन्होंने सूरत के बारे में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह शहर केवल व्यापार और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि संस्कृति, कला और भक्ति के लिए भी प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि सूरत के लोगों की मेहमाननवाजी और यहां की परंपराओं ने उन्हें बेहद प्रभावित किया है और यह यात्रा उनके लिए हमेशा यादगार रहेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे