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महासप्तमी पर कोलकाता में बड़ा हादसा : चोरबगान पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 17 की मौत, 15 घायल

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महासप्तमी पर कोलकाता में बड़ा हादसा : चोरबगान पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 17 की मौत, 15 घायल


- मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

कोलकाता, 17 अक्टूबर (हि.स.)।

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच महासप्तमी की शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। कोलकाता के मशहूर चोरबगान सार्वजनीन पूजा पंडाल में तेज बारिश से बचने के लिए मची भगदड़ में कई दर्शनार्थी कुचल गए। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस हृदयविदारक घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 15 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री स्वयं स्थिति का जायजा लेने अस्पताल पहुंच गए हैं और एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पूजा पंडाल की लाइटें बुझाकर उसे दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है।

कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के अनुसार, जान गंवाने वाले 17 लोगों में 13 महिलाएं, तीन पुरुष और एक बच्चा शामिल है। घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी ऑब्जर्वेशन वार्ड में भर्ती कराया गया, जिनमें से 11 गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। अस्पताल पहुंचकर स्थिति की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों और आम लोगों की सहायता के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 भी जारी किया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि पूजा कमेटी के सभी सदस्यों को थाने बुलाकर पूछताछ की जाए। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई लापरवाही और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके। इस दौरान कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद भी अस्पताल में मौजूद रहे।

हादसे के समय मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सप्तमी की शाम उत्तर और मध्य कोलकाता में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई थी, जिससे सड़कों पर भयंकर जाम लग गया। बारिश से बचने के लिए कतार में खड़े सैकड़ों दर्शनार्थियों ने एक साथ पंडाल के अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे भारी धक्का-मुक्की शुरू हो गई। चोरबगान पंडाल में प्रवेश के बाद एक 360 डिग्री का गोलाकार 'एलिवेटेड कॉरिडोर' बनाया गया है। लोगों के अत्यधिक दबाव के कारण इसी संकरे कॉरिडोर में कई दर्शनार्थी गिर पड़े और उनके ऊपर से भीड़ गुजर गई, जिससे यह भगदड़ जानलेवा साबित हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के एक वर्ग ने यह भी आरोप लगाया है कि हादसे के वक्त मौके पर न तो पुलिस और न ही पर्याप्त सुरक्षाकर्मी मौजूद थे, जिससे समय पर मदद नहीं मिल पाई।

आयोजक विकास दास ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान केवल बचाव कार्य और घायलों के जल्द से जल्द इलाज पर है।

गौरतलब है कि चोरबगान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति इस वर्ष राज्य की सर्वश्रेष्ठ पूजा (सेरार सेरा) सूची में तीसरे स्थान पर चुनी गई है। इस बार पंडाल की थीम 'अरब' (बियॉन्ड साउंड यानी ध्वनि से परे) रखी गई थी। इसी थीम को दर्शाने के लिए वह विशेष 360 डिग्री कॉरिडोर बनाया गया था, जो दुखद रूप से दुर्घटना का केंद्र बन गया। इस प्रतिष्ठित पूजा समिति के साथ कई प्रभावशाली हस्तियां भी जुड़ी हुई हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भतीजे देवदीप अधिकारी इस पूजा आयोजन से जुड़े हैं। इसके अलावा जोड़ासांको के भाजपा विधायक विजय ओझा इस कमेटी के अध्यक्ष हैं और उत्तर कोलकाता जिला भाजपा अध्यक्ष तमोघ्न घोष भी इस पूजा आयोजन का अहम हिस्सा हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर