पर्यटन के नक्शे पर मप्र की छलांग, ट्रैवल मार्ट में 1,100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को दिया जाएगा अंतिम रूप
सीहोर में 848.40 करोड़ का मेगा समझौता
भोपाल, 06 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश अब अपने पर्यटन को घरेलू बाजार से आगे वैश्विक निवेश और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को बढाने के लिए पर्यटन अधोसंरचना से जुड़े 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप देगा। राजधानी भोपाल में बुधवार से मध्य
प्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 का सातवां संस्करण शुरू होने जा रहा है।
यह जानकारी मंगलवार को पर्यटन विभाग के सचिव एवं एमपी टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने पत्रकारों से संवाद में दी। उन्होंने मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट की रूपरेखा, तैयारियों और रणनीतिक लक्ष्यों के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका शुभारंभ करेंगे। चार दिवसीय आयोजन में 34 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और 15 राज्यों के 180 से अधिक घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। ट्रैवल मार्ट के दौरान प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना से जुड़े 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इनमें सीहोर जिले के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये का मेगा पर्यटन निवेश समझौता प्रमुख है।
उन्होंने बताया कि राज्य शासन की सुदृढ़ और प्रगतिशील पर्यटन नीतियों के फलस्वरूप मध्य प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2025 में प्रदेश में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई और कुल पर्यटक संख्या 21.05 करोड़ तक पहुंच गई। उनके अनुसार, एमपीटीएम-2026 का मूल उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में हुई इस तेज वृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में बदलना है।
रामगढ़ में 848.40 करोड़ का मेगा निवेश
ट्रैवल मार्ट में होने वाला सबसे बड़ा निवेश समझौता सीहोर जिले के रामगढ़ में प्रस्तावित है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और मेसर्स ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच 848.40 करोड़ रुपये का समझौता होगा। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और उच्चस्तरीय आतिथ्य अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इस परियोजना से लगभग 920 प्रत्यक्ष और सैकड़ों अप्रत्यक्ष स्थानीय रोजगार सृजित होने की संभावना है।
14 परियोजनाओं के लिए 252 करोड़ के एलओए
पर्यटन क्षेत्र में निजी पूंजी निवेश को गति देने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म इकाइयों से जुड़ी 14 प्रमुख परियोजनाओं के लिए 252 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ अवार्ड दिए जाएंगे। इसके साथ तीन प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर आधुनिक वे-साइड एमेनिटीज विकसित करने की परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
10 हजार से अधिक बी2बी बैठकें
मार्ट की सबसे बड़ी व्यापारिक गतिविधि 10 हजार से अधिक पूर्व-निर्धारित बी2बी बैठकें होंगी। ऑनलाइन शेड्यूलिंग प्रणाली के माध्यम से देश-विदेश के खरीदारों, टूर ऑपरेटर्स, होटल समूहों, एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियों को प्रदेश के 355 स्थानीय पर्यटन हितधारकों से जोड़ा जाएगा। इनमें होटलियर, रिसॉर्ट संचालक, हेरिटेज प्रॉपर्टी, होमस्टे संचालक और एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालक शामिल हैं।
34 देशों की भागीदारी
इस बार 34 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े स्टेकहोल्डर शामिल हो रहे हैं। यूरोप, अमेरिका, एशिया-प्रशांत, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के देशों के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल लेखक भोपाल पहुंचेंगे। इसके अलावा देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 180 से अधिक घरेलू टूर ऑपरेटर्स भी हिस्सा लेंगे।
पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर
पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी के अनुसार ट्रैवल मार्ट को महज व्यापारिक प्रदर्शनी के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश के आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गति देना है। वर्ष 2030 तक मध्य प्रदेश को देश का प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थल बनाने के साथ 'भारत की वन्यजीव राजधानी' के रूप में ब्रांडिंग करने, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन बढ़ाने, ग्रामीण होमस्टे के माध्यम से स्थानीय समुदायों को जोड़ने तथा एआई और बहुभाषी डिजिटल तकनीक के माध्यम से पर्यटक अनुभव को आधुनिक बनाने की योजना है।
12 रणनीतिक एमओयू से बदलेगा पर्यटन का स्वरूप
मार्ट के दौरान कौशल विकास, ग्रामीण पर्यटन, साहसिक पर्यटन, मोटरस्पोर्ट्स, फिल्म पर्यटन, डिजिटल मीडिया और विरासत संरक्षण से जुड़े 12 रणनीतिक एमओयू, एमओए और समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। इनमें पर्यटक वाहन चालकों के प्रशिक्षण से लेकर ग्रामीण होमस्टे को वैश्विक बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने और नए बाइकिंग रूट विकसित करने जैसी पहल शामिल हैं।
इसके अलावा राज्य के 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 एआई-सक्षम क्यूआर कोड बोर्ड लगाए जाएंगे। ओरछा के ऐतिहासिक समूह के यूनेस्को नामांकन के लिए एकीकृत प्रबंधन एवं लैंडस्केप संरक्षण योजना तैयार की जाएगी।
पांच भाषाओं में पर्यटन वेबसाइट
विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की वेबसाइट का बहुभाषी संस्करण भी जारी किया जाएगा। हिंदी और अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पेनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं में पर्यटन संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी। डिजिटल हैंडबुक में 360 डिग्री दृश्य, इंटरैक्टिव मैप, एआई आधारित स्टोरीटेलिंग, वर्चुअल रियलिटी लिंक और द्विभाषी ऑडियो नरेशन जैसी सुविधाएं होंगी।
ट्रैवल मार्ट के बाद विदेशी और राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए 16 विशेष फैमिलियराइजेशन टूर भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें 200 से अधिक विशेषज्ञ मध्यप्रदेश के हेरिटेज, वन्यजीव, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन सर्किट का दौरा करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

