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13 हजार किमी की साइकिल यात्रा ने जगाई नई सोच, साक्षी बना लखनऊ

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13 हजार किमी की साइकिल यात्रा ने जगाई नई सोच, साक्षी बना लखनऊ




- विकसित भारत-चारधाम साइकिल यात्रा ने छेड़ी बदलाव की लहर

- देश का विकास केवल नीतियों से नहीं,जनभागीदारी से संभव: दीपक शर्मा

लखनऊ, 23 अप्रैल (हि.स.)। देश में नशा मुक्ति के लिए युवाओं को खेल और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करने तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकली 'ऑपरेशन सिंदूर: 9 संकल्प विकसित भारत-चारधाम साइकिल यात्रा' उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंची है। हरियाणा के पानीपत से शुरू हुई यह यात्रा अब एक व्यक्तिगत प्रयास से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर के जनजागरण अभियान का रूप ले चुकी है।

यात्रा की शुरुआत 25 मई 2025 को पानीपत निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने की थी। अब तक वे 13 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुके हैं और 20 से ज्यादा राज्यों का भ्रमण कर चुके हैं। उनका लक्ष्य करीब 15 हजार किलोमीटर की दूरी पूरी कर देशभर में जागरूकता फैलाना है।

दीपक शर्मा ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि देश में युवाओं के सामने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति,शारीरिक निष्क्रियता और लक्ष्यहीनता जैसी गंभीर चुनौतियां हैं। इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखते हुए साइकिल के माध्यम से सीधे लोगों तक पहुंचने का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि साइकिल न केवल पर्यावरण के लिए अनुकूल साधन है, बल्कि आमजन से संवाद का सरल और प्रभावी माध्यम भी है।

यह यात्रा अटूट संकल्प और मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक

उन्होंने बताया कि 13 हजार किलोमीटर का यह सफर आसान नहीं रहा। राजस्थान की भीषण गर्मी, गुजरात और महाराष्ट्र की तेज बारिश और समुद्री हवाएं तथा पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन चढ़ाइयों ने इस यात्रा को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया। रास्ते में कई बार साइकिल पंचर हुई, टायर फटे और तकनीकी दिक्कतें आईं, लेकिन हर बार इन बाधाओं को पार करते हुए यात्रा आगे बढ़ती रही। अब यह अटूट संकल्प और मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक बन चुका है।

यात्रा की असली ताकत है संवाद

उन्होंने बताया कि इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत सीधा संवाद है। यात्रा के दौरान विभिन्न शहरों,कस्बों और गांवों में युवाओं,छात्रों और सामाजिक संगठनों से मुलाकात की। नशा मुक्ति, फिटनेस और अनुशासित जीवनशैली को लेकर लोगों को जागरूक किया। स्कूलों और कॉलेजों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को खेल और स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित किया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई।

भारत की ताकत विविधता और सांस्कृतिक एकता में निहित

ऑपरेशन सिंदूर केवल सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव का भी माध्यम है। यात्रा के दौरान दीपक शर्मा ने देश के चार प्रमुख ज्योतिर्लिंग और चार शक्तिपीठों के दर्शन किए हैं। इसके साथ ही चारधाम यात्रा की दिशा में भी उनका अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है। इन धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर उन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से महसूस किया और इस संदेश को भी अपने अभियान का हिस्सा बनाया कि भारत की ताकत उसकी विविधता और सांस्कृतिक एकता में निहित है।

'विकसित भारत' के नौ संकल्प से समाज को जोड़ना

यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू 'विकसित भारत' के 9 संकल्प हैं, जिनमें नशा मुक्त समाज, फिटनेस, सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषय शामिल हैं। इन संकल्पों के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि देश का विकास केवल नीतियों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संभव है।

सकारात्मक बदलाव से विकसित भारत का सपना होगा साकार

उन्होंने बताया कि लखनऊ में इस यात्रा का आगमन एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। दीपक शर्मा ने युवाओं और सामाजिक संगठनों से संवाद करते हुए इस अभियान में जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए तो विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है।

लक्ष्य सिर्फ दूरी तय करना नहीं, एक सोच को जन्म देना है

लखनऊ के बाद यह यात्रा देश के अन्य हिस्सों की ओर आगे बढ़ेगी। लक्ष्य सिर्फ दूरी तय करना नहीं, बल्कि एक ऐसी सोच को जन्म देना है, जिसमें देश का हर नागरिक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार बने। 'ऑपरेशन सिंदूर' की यह यात्रा इसी विश्वास के साथ आगे बढ़ रही है कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश