लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने साउथ वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली
जयपुर, 01 जुलाई (हि.स.)। लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने जयपुर स्थित भारतीय सेना की दक्षिण पश्चिम कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला। लेफ्टिनेंट जनरल मल्होत्रा ने ऐसे समय में कार्यभार ग्रहण किया है, जब पश्चिमी थिएटर में ऑपरेशनल महत्व काफी बढ़ गया है। वे अपने साथ उत्कृष्ट ऑपरेशनल अनुभव, स्पष्ट रणनीतिक दृष्टि तथा प्रभावी नेतृत्व का समृद्ध अनुभव लेकर आए हैं।
जून, 1989 में 47 आर्मर्ड रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करने वाले जनरल ऑफिसर के पास भारतीय सेना में 37 वर्षों से अधिक शानदार सेवा का अनुभव है। उन्होंने हर अहम स्तर पर कमांड, स्टाफ़ और प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। दक्षिण पश्चिम कमान का पदभार ग्रहण करने से पूर्व वे मुख्यालय पूर्वी कमान में चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने ऑपरेशनल तैयारियों को सुदृढ़ करने, संगठनात्मक दक्षता बढ़ाने तथा संस्थागत समन्वय को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन ने बताया कि
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने भारतीय सेना के सबसे चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनल क्षेत्रों में विभिन्न महत्वपूर्ण कमानों का नेतृत्व किया है। उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर, एक आर्मर्ड रेजिमेंट, एक स्वतंत्र आर्मर्ड ब्रिगेड, एक आर्मर्ड डिवीजन तथा डेजर्ट कोर की कमान संभाली है। इन महत्वपूर्ण दायित्वों ने उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में ऑपरेशनल योजना बनाने तथा मल्टी-डोमेन सैन्य अभियानों के संचालन का व्यापक अनुभव प्रदान किया है। कमांड संभालने के अलावा, उनका मिलिट्री प्रोफ़ाइल काफी व्यापक है। उन्हें ऑपरेशनल प्लानिंग, मिलिट्री इंटेलिजेंस, ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स, पर्सनल मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी को अपनाना और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन जैसे अहम स्टाफ पदों पर काम करने का अनुभव है।
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा एक प्रतिष्ठित सैन्य अधिकारी हैं। उन्होंने रक्षा अध्ययन में दो मास्टर डिग्रियां प्राप्त की हैं, जिनमें से एक यूनाइटेड किंगडम के किंग्स कॉलेज, लंदन से है। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजनीति विज्ञान तथा रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में दो एम.फिल. डिग्रियाँ भी प्राप्त की हैं। उन्होंने अपने सभी कोर्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और लगभग उन सभी कोर्स में टॉप किया है वे यूनाइटेड किंगडम के एडवांस्ड कमांड एंड स्टाफ कोर्स, हायर एयर कमांड कोर्स तथा नेशनल डिफेंस कॉलेज के स्नातक हैं। उन्हें दूरदर्शी सोच, स्पष्ट निर्णय क्षमता तथा प्रभावी नेतृत्व के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त है। वे सैन्य क्षमता के विकास, संगठन के आधुनिकीकरण तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहे हैं। उनकी नेतृत्व शैली उच्च ऑपरेशनल मानकों के साथ-साथ अधीनस्थ अधिकारियों एवं सैनिकों के कल्याण, मनोबल तथा पेशेवर विकास पर विशेष बल देती है।
राष्ट्र के प्रति उनकी विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल तथा सेना मेडल से अलंकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें विभिन्न सेना कमांडरों तथा थल सेनाध्यक्ष द्वारा अनेक प्रशस्तियां भी प्रदान की गई हैं।
साउथ वेस्टर्न कमांड की कमान संभालते हुए लेफ्टिनेंट जनरल मल्होत्रा ऐसे समय में कार्यभार ग्रहण कर रहे हैं जब पश्चिमी थिएटर में ऑपरेशनल महत्व काफी बढ़ गया है। वे अपने साथ उत्कृष्ट ऑपरेशनल अनुभव, स्पष्ट रणनीतिक दृष्टि तथा प्रभावी नेतृत्व का समृद्ध अनुभव लेकर आए हैं। उनके नेतृत्व में, भारतीय सेना अपनी सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक कमांड में से एक के ज़रिए राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संदीप

