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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फ्रांस को भारत का सबसे भरोसेमंद मित्र बताया

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फ्रांस को भारत का सबसे भरोसेमंद मित्र बताया


-फ्रांस और भारत अंतर-संसदीय मैत्री समूह के शिष्टमंडल की मुलाकात

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को संसद भवन में फ्रांस की सीनेट के फ्रांस-भारत अंतर-संसदीय मैत्री समूह के शिष्टमंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने फ्रांस को भारत के सबसे भरोसेमंद और सहयोगी देशों में से एक बताते हुए दोनों देशों के बीच गहरे, अटूट तथा ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच सौहार्दपूर्ण व्यक्तिगत संबंध दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा और गति प्रदान कर रहे हैं। फरवरी में राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” बढ़ते आपसी विश्वास और सहयोग का प्रतीक है।

फ्रांस की संसद में महिलाओं के 36 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व की सराहना करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत भी शासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर विधिक और संस्थागत प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व पहले से ही उत्कृष्ट है।

बिरला ने याद दिलाया कि नवनिर्मित संसद भवन में पारित पहला विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम ही था, जो निर्वाचित विधायी निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कानून महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और समावेशी शासन के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने नई दिल्ली में 2026 में आयोजित होने वाले एआई शिखर सम्मेलनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों ही संसद की कार्यकुशलता, पारदर्शिता और नागरिकों तक पहुंच बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा उन्नत प्रौद्योगिकियों का व्यापक उपयोग कर रहे हैं। एआई और डिजिटल उपकरणों के कारण जनता और संसद के बीच की दूरी काफी कम हुई है।

बिरला ने दोनों देशों की विधायिकाओं के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और अधिक से अधिक सहयोग का सुझाव दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय संसदीय शिष्टमंडल की फ्रांस यात्रा का स्मरण करते हुए फ्रांस द्वारा आतंकवाद की स्पष्ट निंदा की सराहना की। उन्होंने फ्रांस के निरंतर समर्थन और सहयोग के लिए शिष्टमंडल का आभार व्यक्त किया।

बिरला ने फरवरी 2024 में फ्रांस की सीनेट के चेयरमैन जेरार्ड लार्चर की भारत यात्रा को भी याद किया और कहा कि उस यात्रा से अंतर-संसदीय संबंध और मजबूत हुए हैं। उन्होंने नियमित राजनयिक और संसदीय संवाद को दोनों देशों के संबंधों का मजबूत आधार बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी