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प्रधानमंत्री व अन्य ने अग्रसेन, नानाजी और जयप्रकाश नारायण की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

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प्रधानमंत्री व अन्य ने अग्रसेन, नानाजी और जयप्रकाश नारायण की जयंती पर दी श्रद्धांजलि


नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रक्षा मंत्री समेत कई नेताओं ने रविवार को महाराजा अग्रसेन, नानाजी देशमुख और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, जन-सेवा और सामाजिक समरसता के अग्रदूत महाराजा अग्रसेन का जीवन और उनके आदर्श हमें निरंतर मानवता के पथ पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उनके महान विचार भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए सदैव प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे। वहीं, नानाजी देशमुख को एक ऐसे असाधारण राष्ट्र-निर्माता के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने अपने विचारों और कार्यों से यह दिखाया कि वास्तविक बदलाव ज़मीनी स्तर से ही शुरू होता है। उनके जीवन में राजनीतिक प्रतिबद्धता और रचनात्मक सामाजिक कार्यों का अनूठा संगम था। उन्होंने खुद को ग्रामीण विकास और सामुदायिक भागीदारी के लिए समर्पित कर दिया। एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के उनके सपने को साकार करने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। लोकनायक जयप्रकाश नारायण का प्रभाव हर पीढ़ी के लोगों पर रहा। उन्होंने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि सार्वजनिक जीवन देश के नवनिर्माण का ज़रिया बन सकता है। आपातकाल के दौरान उनकी निडर आवाज़ भी उल्लेखनीय थी।

राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रऋषि, प्रख्यात विचारक, समाज सुधारक और 'ग्राम उदय' के प्रणेता, भारत रत्न नानाजी देशमुख का संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा और निस्वार्थ कर्मयोग का एक अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन, ऊर्जा और समय ग्रामीण विकास, ग्राम स्वराज और अंत्योदय के लिए समर्पित कर दिया। मानवता के प्रति उनका समर्पण और राष्ट्र-निर्माण में उनका अद्वितीय योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय हित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 'संपूर्ण क्रांति' का उनका आह्वान राजनीति में ईमानदारी, शासन में जवाबदेही और समाज में नैतिक नवजागरण का संकल्प था। आपातकाल के काले दौर में, उन्होंने अदम्य साहस के साथ तानाशाही का विरोध किया। संविधान, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा। लोकनायक का जीवन याद दिलाता है कि सिद्धांत सत्ता से बड़े होते हैं और राष्ट्रीय हित व्यक्तिगत लाभ से ऊपर होता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए, नानाजी ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। संगठन के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और राष्ट्र-निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा बने रहेंगे। वहीं, आजादी की लड़ाई में युवा शक्ति को जोड़ने से लेकर ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने और आज़ादी के बाद 'सर्वोदय' का लक्ष्य हासिल करने तक, जयप्रकाश नारायण का पूरा जीवन देश और समाज के लिए समर्पित रहा। आपातकाल के दौरान, उनके 'संपूर्ण क्रांति' के आह्वान ने करोड़ों देशवासियों की आवाज का रूप ले लिया। देश और समाज के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी