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एवीजीसी क्षेत्र को 2030 तक लगभग 2 मिलियन कुशल पेशेवरों की आवश्यकता - डॉ. एल. मुरुगन

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एवीजीसी क्षेत्र को 2030 तक लगभग 2 मिलियन कुशल पेशेवरों की आवश्यकता - डॉ. एल. मुरुगन


नई दिल्ली, 18 सितंबर (हि.स.)। सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने शुक्रवार को कहा कि फिल्म, संगीत, गेमिंग, एनीमेशन, डिजाइन, प्रकाशन, विज्ञापन और डिजिटल सामग्री सहित क्षेत्र रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। एवीजीसी क्षेत्र को 2030 तक लगभग 2 मिलियन कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होगी।

डॉ. मुरुगन ने ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में कानून, नीति और रचनात्मक अर्थव्यवस्था विषय पर जिंदल नीति सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 3.1 प्रतिशत और वैश्विक रोजगार में 6.2 प्रतिशत का योगदान देती है, अनुमानित 57 मिलियन भारतीय पहले से ही सांस्कृतिक और रचनात्मक व्यवसायों में काम कर रहे हैं। भारत की मीडिया और मनोरंजन अर्थव्यवस्था 2.5 ट्रिलियन रुपये है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान और एवीजीसी क्रिएटर लैब्स के लिए समर्थन की घोषणा की है।

मुरुगन ने इस बात पर जोर दिया कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विकास को समुचित कानूनी और नीतिगत ढांचे द्वारा समर्थित किया जाना चाहिए, जिसमें कॉपीराइट सुरक्षा, रचनाकारों के लिए उचित मुआवजा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिम्मेदार उपयोग शामिल है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे मान्यताओं और संस्थानों पर सम्मान, तर्क और साक्ष्य के साथ सवाल उठाएं और 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में अपने विचारों और कौशल का योगदान दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी