home page

बेंगलुरु में आफत की बारिश, बोरिंग अस्पताल की दीवार गिरने से सात लोगों की मौत

 | 
बेंगलुरु में आफत की बारिश, बोरिंग अस्पताल की दीवार गिरने से सात लोगों की मौत


- मुख्यमंत्री ने घटनास्थला का लिया जायजा- मृतकों के परिजनों को पांच लाख मुआवज़ा

बेंगलुरु, 29 अप्रैल (हि.स.)। बेंगलुरु शहर में बुधवार शाम तेज़ आंधी और भारी बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां शिवाजीनगर इलाके में बोरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल परिसर की पुरानी दीवार अचानक ढह जाने से सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

शाम करीब 6 बजे शहर में तेज़ बारिश शुरू हुई। इसी दौरान सड़क किनारे व्यापार करने वाले लोग और राहगीर बारिश से बचने के लिए अस्पताल की दीवार के सहारे लगाए गए बड़े टारपॉलिन के नीचे खड़े थे। तभी कमजोर और जर्जर हो चुकी दीवार तेज़ बारिश के दबाव से ढह गई और उसके मलबे में दबकर सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान तबींन ताज (4 वर्ष), मुबींन ताज (4 वर्ष), माया (51 वर्ष), साजिद (20 वर्ष), अजगर (35 वर्ष), प्रीति (51 वर्ष) और सीजी (47 वर्ष) के रूप में हुई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार दीवार के पास रोज़ाना फुटपाथ पर छोटे व्यापारी टारपॉलिन लगाकर काम करते थे। बारिश के समय राहगीर भी वहीं शरण लेते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दीवार काफी पुरानी और कमजोर थी, जो लगातार हो रही बारिश के दबाव को सहन नहीं कर सकी।

घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जाकर घायलों का हालचाल भी जाना।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि “पुरानी दीवार की हालत की जांच क्यों नहीं की गई? विभागों के बीच समन्वय की कमी क्यों रही? अगर पहले से सावधानी बरती जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।”

सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही, घायलों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए कहा है कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा