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आंतरिक शांति ही बाहरी सौहार्द का आधार : उपराष्ट्रपति

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आंतरिक शांति ही बाहरी सौहार्द का आधार : उपराष्ट्रपति


बेंगलुरु, 29 मई (हि.स.)। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शुक्रवार को आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन का 45वां स्थापना दिवस समारोह भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु, स्वयंसेवक, आध्यात्मिक साधक और अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि “आंतरिक शांति ही बाहरी सौहार्द का वास्तविक आधार है।” उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया तनाव, संघर्ष और मानसिक अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में आध्यात्मिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और आत्मिक संतुलन का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि समाज में स्थायी शांति और भाईचारे की स्थापना तभी संभव है, जब व्यक्ति भीतर से शांत, संतुलित और सकारात्मक हो।

उपराष्ट्रपति ने आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुंबकम्” को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने की भारतीय सोच आज वैश्विक परिस्थितियों में अत्यंत प्रासंगिक हो गई है और आर्ट ऑफ लिविंग इस संदेश को प्रभावी रूप से विश्वभर तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

उपरष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिकता और भारतीय प्राचीन परंपराएं एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। आर्ट ऑफ लिविंग योग, ध्यान, प्राणायाम और मानवीय मूल्यों के माध्यम से आधुनिक जीवनशैली और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के बीच संतुलन स्थापित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही है।

समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर, देश-विदेश के कई विशिष्ट अतिथि, संस्था के वरिष्ठ सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिकता, विश्व शांति, मानसिक स्वास्थ्य, युवा जागरूकता और समाज सेवा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

वक्ताओं ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्था विश्व के अनेक देशों में योग, ध्यान, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। संस्था के विभिन्न अभियान तनावमुक्त जीवन, सामाजिक समरसता, मानवता और विश्व शांति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विशेष स्मारक डाक टिकट का विमोचन भी किया। इस ऐतिहासिक क्षण का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।

समारोह का समापन सामूहिक ध्यान, भजन और विश्व शांति की प्रार्थना के साथ हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा और एकता का संदेश दिया।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.