'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' का माहौल ऊर्जा, आशा और बदलाव से भरपूर - खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे
रायपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' के दौरान बुधवार को रायपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां के माहौल को ऊर्जा, आशा और बदलाव से भरपूर बताया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि एथलीटों, स्थानीय समुदाय और इस क्षेत्र के लोगों की ओर से मिली प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है।
वो छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के कार्यक्रमों और खेल स्थलों का निरीक्षण करने पहुंची थीं।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स आयोजन का पहला संस्करण छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में 25 मार्च से 3 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया गया है । इसमें लगभग 3,800 प्रतिभागियों ने 9 खेल विधाओं में हिस्सा लिया।
खडसे ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026, केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसके तहत आदिवासी युवाओं को अपना भविष्य बनाने के लिए एक मंच दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए यह खेल एक नई उम्मीद हैं और यह संकेत कि उनकी काबिलियत को पहचाना जा रहा है और उस पर सबसे ऊंचे स्तर पर निवेश किया जा रहा है।
युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री ने कहा, '' एक समय था जब छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, और यहां के लोगों को एक पिछड़ा समुदाय माना जाता था। आज, मुझे लगता है कि इस क्षेत्र के लिए एक नई दिशा खुल रही है। नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है और खेल के माध्यम से, इस धरती के युवा अब अपनी ऊर्जा और क्षमता को सामने ला सकते हैं और देश के लिए खेल सकते हैं।'' उन्होंने बस्तर जैसे क्षेत्रों में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र को कभी नक्सलवाद के कारण पिछड़ा माना जाता था, वहां अब खेल के माध्यम से युवाओं को नई दिशा और पहचान मिल रही है।
खेल राज्य मंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 को एक ऐतिहासिक पहल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन, गृह मंत्री अमित शाह (जिन्होंने पूरे देश से नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा की है), कैबिनेट मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और पूरी साई टीम को दिया। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इन खेलों में हिस्सा लेने वाले कई एथलीट आगे चलकर ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और पदक जीतेंगे।
युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 'अस्मिता लीग' के परिवर्तनकारी प्रभाव पर भी प्रकाश डाला। इस लीग को 2021 में प्रधानमंत्री मोदी के उस विज़न के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की महिलाओं को प्रतिस्पर्धी खेलों में लाना और उन्हें एक पहचान व अवसर प्रदान करना है।
रक्षा खडसे ने कहा, ''खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में, नतीजे ज़बरदस्त रहे हैं। हॉकी, वेटलिफ्टिंग और फुटबॉल में हिस्सा लेने वाली लगभग 60 से 70 प्रतिशत लड़कियां ‘अस्मिता लीग’ खेल चुकी हैं और पदक जीत चुकी हैं। इनमें अंजली मुंडा जैसी बेहतरीन खिलाड़ी भी शामिल हैं। तैराकी में जीते गए सभी पांचों स्वर्ण पदक भी ‘अस्मिता लीग’ की खिलाड़ियों ने ही हासिल किए हैं।
उन्होंने कहा, ''हमारा प्रयास जारी है कि हम ‘अस्मिता लीग’ को और भी निचले स्तर तक यानी के गांवों तक ले जाएं ताकि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रहे।''
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

