अवैध गतिविधि में धन का दुरुपयोग रोकने को लाया गया एफसीआरए विधेयकः रिजिजू
नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक-2026 को लेकर विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि
किसी भी अवैध गतिविधियों में धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह विधेयक लाया गया है।रिजिजू ने मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि
केरल में वामदलों और कांग्रेस द्वारा कुछ अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि भारत सरकार विभिन्न धार्मिक संगठनों की गतिविधियों को रोकने के लिए एफसीआरए संशोधन विधेयक ला रही है, लेकिन प्रस्तावित संशोधन विधेयक केवल भारत में विदेशी धन के विनियमन के लिए, किसी भी अवैध गतिविधि में धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए लाया गया है।
उन्होंने कहा कि विदेशों से अवैध रूप से पैसा आता है और उसका इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ किया जाता है। इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रहित में प्रस्तावित संशोधन लेकर सरकार लाई है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि वामपंथी दल और कांग्रेस प्रस्तावित संशोधनों को लेकर झूठी अफवाहें फैला रहे हैं, क्योंकि वे केरल विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा को मिल रहे भारी जनसमर्थन से भयभीत हैं। यह विधेयक किसी भी धार्मिक समूह के खिलाफ नहीं है। उन्हें इस तरह के झूठ फैलाना बंद कर देना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक विगत 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था। पेश करते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि इस विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और विदेशों से प्राप्त धन का उचित उपयोग सुनिश्चित करना है। इस विधेयक के प्रावधानों के तहत विदेशी धन के माध्यम से जबरन धर्म परिवर्तन में लिप्त व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

