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भोपाल में खौफनाक किडनैपिंग, दिल्ली की आईएएस एकेडमी डायरेक्टर को बनाया बंधक, लूटे 1.89 करोड़

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भोपाल में खौफनाक किडनैपिंग, दिल्ली की आईएएस एकेडमी डायरेक्टर को बनाया बंधक, लूटे 1.89 करोड़


भोपाल में खौफनाक किडनैपिंग, दिल्ली की आईएएस एकेडमी डायरेक्टर को बनाया बंधक, लूटे 1.89 करोड़


भोपाल में खौफनाक किडनैपिंग, दिल्ली की आईएएस एकेडमी डायरेक्टर को बनाया बंधक, लूटे 1.89 करोड़


- मास्टरमाइंड सहित 6 आरोपी गिरफ्तार, 3 अब भी फरार

भोपाल, 03 मई (हि.स.) । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपराध का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। दिल्ली की प्रतिष्ठित 'शुभ्रा रंजन आईएएस एकेडमी' की डायरेक्टर को उनके ही संस्थान के एक पूर्व छात्र और वर्तमान फ्रेंचाइजी पार्टनर ने किडनैप कर लिया। आरोपियों ने 4 घंटे तक बंधक बनाकर और कनपटी पर पिस्टल तानकर करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए शोर दबाने के मकसद से फ्लैट में 'सुंदरकांड' का पाठ तक कराया गया।

जानकारी के अनुसार, इस वारदात का मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा है, जो भेल के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा है। प्रियंक खुद यूपीएससी की तैयारी कर चुका है और भोपाल में एकेडमी की फ्रेंचाइजी चला रहा था। उसने नई ब्रांच खोलने और जगह के निरीक्षण के बहाने डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को दिल्ली से भोपाल बुलाया। वह शहर के प्रसिद्ध होटल ताज में ठहरी थीं। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे प्रियंक उन्हें अपने साथ ले गया और बागसेवनिया स्थित एक फ्लैट में ले जाकर अपने 8 साथियों के साथ उन्हें बंधक बना लिया।

शोर छुपाने के लिए 'सुंदरकांड' का सहारा

पुलिस जांच में एक हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। जिस वक्त फ्लैट के एक कमरे में महिला डायरेक्टर को मौत का डर दिखाकर पैसे वसूले जा रहे थे, उसी वक्त बाहर वाले हिस्से में सुंदरकांड का पाठ चल रहा था। मास्टरमाइंड ने ऐसा इसलिए किया ताकि यदि पीड़िता चिल्लाए या शोर मचाए, तो लाउडस्पीकर और भजनों की आवाज में उसकी चीखें दब जाएं और पड़ोसियों को शक न हो।

विदेश भागने की फिराक में था आरोपी, आईसीयू से हुई गिरफ्तारी

फिरौती की इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद प्रियंक शर्मा ने विदेश भागने की पूरी प्लानिंग कर ली थी और वह लगातार ट्रैवल एजेंट्स के संपर्क में था। हालांकि, पुलिस की बढ़ती दबिश और घेराबंदी देख वह गिरफ्तारी से बचने के लिए भोपाल एम्स के आईसीयू में भर्ती हो गया। क्राइम ब्रांच ने मुस्तैदी दिखाते हुए रविवार को अस्पताल के बिस्तर से ही उसे दबोच लिया। इस दौरान उसकी मां और पत्नी ने पुलिस कार्रवाई का कड़ा विरोध भी किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई जारी रखते हुए उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य 5 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

आरोपियों में मजदूर से लेकर मार्केटिंग प्रोफेशनल तक शामिल

पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 अब भी फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों में प्रियंक शर्मा जो मुख्य साजिशकर्ता है, वह यूपीएससी की तैयारी कर चुका है। दूसरा दीपक भगत, जो प्रियंक का ड्राइवर है और बागसेवनिया, भोपाल का निवासी है। तीसरे और चौथे आरोपियों में रोहित व विकास शामिल हैं। रोहित संस्थान का सफाई कर्मचारी है और कालापीपल का रहने वाला है। जबकि विकास मार्केटिंग का काम करता है। पांचवें नंबर पर कुनाल और छठवां आरोपी पंकज अहिरवार है, दोनों दतिया के रहने वाले हैं। उन्हें 5-5 लाख रुपए का लालच देकर वारदात में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।

बैंक खातों को किया गया होल्ड

पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन सभी बैंक खातों को होल्ड करा दिया गया है, जिनमें फिरौती की रकम ट्रांसफर की गई थी। इससे लूटी गई बड़ी राशि सुरक्षित कर ली गई है। फिलहाल फरार आरोपी रामजी, निहाल और रामेश्वर की तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत