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केरल में यूडीएफ की बड़ी बढ़त, एलडीएफ पीछे

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केरल में यूडीएफ की बड़ी बढ़त, एलडीएफ पीछे


केरल में यूडीएफ की बड़ी बढ़त, एलडीएफ पीछे


नई दिल्ली, 04 मई (हि.स.)। केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना के रुझानों में कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। ताजा आंकड़ों के अनुसार यूडीएफ 100 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) लगभग 35 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 2 सीटों पर और अन्य दल 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।

चुनाव आयोग के मुताबिक यूडीएफ के प्रमुख घटक दल कांग्रेस 63 सीटों पर, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) 22 सीटों पर आगे चल रही हैं। वहीं, केरल कांग्रेस और केरल कांग्रेस (जैकब) क्रमशः 7 और 1 पर आगे चल रही हैं। आरएसपी और आरएमपीआई ने क्रमशः 3 और 1 सीट पर जीत दर्ज की है।

वहीं, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के प्रमुख घटक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को 21 सीटें जीती हैं जबकि 5 पर आगे है। भाकपा 6 जीती है और 2 पर आगे है। राष्ट्रीय जनता दल, कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी केरल राज्य समिति को 1-1 सीट मिली है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 1 सीट जीत ली है जबकि 2 सीटों पर आगे है।

धर्मदम विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुरुआती राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार वीपी अब्दुल रशीद के खिलाफ 13 राउंड की मतगणना के बाद 12,703 वोटों की बढ़त बना ली है। इससे इस सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

इस बीच कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने हरिपाद विधानसभा सीट से 23,377 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। उनकी यह जीत कांग्रेस के लिए मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है और राज्य में पार्टी की स्थिति को मजबूत करती है।

रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एलडीएफ सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसरों की कमी के चलते युवाओं का पलायन एक गंभीर मुद्दा बन गया है। निवेश बढ़ाकर इस स्थिति में सुधार संभव है और जनता इस बार बदलाव के पक्ष में नजर आ रही है।

कांग्रेस नेता मुहम्मद शियास ने एलडीएफ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता में सरकार के खिलाफ असंतोष था, जिसे उनकी पार्टी ने पहले ही भांप लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बढ़ते अहंकार और प्रशासनिक कमजोरियों के कारण लोगों का भरोसा कम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि एर्नाकुलम जिले की सभी 14 सीटों पर यूडीएफ जीत दर्ज कर सकता है, जो एक ऐतिहासिक परिणाम होगा।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर कहा कि इस संबंध में निर्णय कांग्रेस विधायक दल की बैठक में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में नेतृत्व का चयन सामूहिक निर्णय से होता है।

कोझिकोड जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जश्न का माहौल है, जहां यूडीएफ सभी 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसके साथ ही तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस मुख्यालय में भी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जीत की खुशी में जश्न मनाना शुरू कर दिया है।

चुनाव आयोग के ताजा रुझानों के अनुसार यूडीएफ बहुमत के आंकड़े को पार करता नजर आ रहा है। कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने विश्वास जताया कि गठबंधन 100 सीटों के आंकड़े तक पहुंच सकता है और राज्य में सरकार के खिलाफ माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

इन परिणामों से साफ संकेत मिलता है कि केरल में इस बार सत्ता परिवर्तन की संभावना मजबूत हो गई है। यूडीएफ गठबंधन बहुमत के करीब पहुंच चुका है और अंतिम नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 43 केंद्रों पर मतगणना जारी है, जहां 883 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। राज्य में 9 अप्रैल को 79.63 प्रतिशत मतदान हुआ था।

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हिन्दुस्थान समाचार / उदय कुमार सिंह