एससीटीआईएमएसटी के दीक्षांत समारोह में 130 छात्रों को डिग्री, स्वास्थ्य क्षेत्र में कई नई पहल की घोषणा
नई दिल्ली, 16 मई (हि.स.)। चित्रा तिरुनल चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के 42वें वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन शनिवार को तिरुवनंतपुरम में किया गया। संस्थान के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में कुल 130 स्नातकों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं।
दीक्षांत समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्नातक छात्रों को बधाई दी और संस्थान की कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों तथा नई योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संस्थान में लगभग 800 स्थायी संकाय सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है, जिससे इसकी कार्यक्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से नौ मंजिला ‘प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ब्लॉक’ और चार मंजिला ‘सेवा ब्लॉक’ का निर्माण किया जा रहा है। इन नई सुविधाओं के शुरू होने के बाद संस्थान न्यूरोसर्जरी और कार्डियक साइंस के क्षेत्र में देश के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल होगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक संस्थान के चिकित्सकों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत 17 हजार से अधिक मरीजों का सफल इलाज किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आधारशिला रखे गए इस केंद्र ने तंत्रिका और कैंसर संबंधी रोगों के सटीक एवं गैर-आक्रामक उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
मंत्री ने कहा कि संस्थान का विशेष ध्यान विश्वस्तरीय, प्रभावी, स्वदेशी और किफायती चिकित्सा उपकरणों के विकास पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्थान में विकसित सात अत्याधुनिक तकनीकों को उद्योग जगत को हस्तांतरित किया जा रहा है।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य अवसंरचना की कमियों को दूर करना और महामारी जैसी चुनौतियों से निपटने में सक्षम स्वास्थ्य प्रणाली तैयार करना है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 का उल्लेख करते हुए कहा कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर गैर-संचारी रोगों, मानसिक स्वास्थ्य, वृद्धावस्था और उपशामक देखभाल की जांच को भी शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत ‘आभा’ खाता प्रणाली मरीजों के सुरक्षित डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड साझा करने और सटीक उपचार सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित हो रही है। साथ ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अब तक छह करोड़ से अधिक नागरिकों को शामिल किया जा चुका है।
सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार कम जोखिम वाली जेनेरिक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के लिए नियामक प्रक्रियाओं तथा परीक्षण लाइसेंस को सरल बना रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी कानपुर के सहयोग से विशेष रणनीति और ओपन डेटा प्लेटफॉर्म भाषिनी पर कार्य किया जा रहा है।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न चिकित्सा, शोध और सार्वजनिक स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों के 130 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोइमेजिंग, इंटरवेंशनल न्यूरोरेडियोलॉजी, कार्डियक इमेजिंग, वैस्कुलर इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक, वैस्कुलर एनेस्थीसिया और न्यूरो-एनेस्थीसिया सहित डीएम कार्यक्रमों में 29 छात्र शामिल हैं। जबकि कार्डियोवैस्कुलर, थोरेसिक सर्जरी, वैस्कुलर सर्जरी और न्यूरोसर्जरी सहित एमसीएच कार्यक्रमों में 7 छात्र शामिल हैं।
इसके अलावा, पोस्ट-डॉक्टोरल (पोस्ट डीएम-एमसीएच-डीएनबी) फेलोशिप कार्यक्रमों में 15 छात्र, मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ में 40 छात्र, ट्रांसफ्यूजन ट्रांसमिटेड डिजीज टेस्टिंग और न्यूरोपैथोलॉजी में पोस्ट-डॉक्टोरल सर्टिफिकेट कोर्स में 4 छात्र, 11 पीएचडी स्कॉलर, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा कोर्स में 22 छात्र और न्यूरोलॉजिकल साइंसेज में एसीपी के 2 सदस्य शामिल हैं।
इस अवसर पर संस्थान का ‘स्वर्ण जयंती लोगो’ और उसकी गौरवशाली यात्रा पर आधारित एक विशेष गीत भी जारी किया गया। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में डॉ. कृष्णा एम. एला, क्रिस गोपालकृष्णन तथा डॉ. संजय बिहारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य और अभिभावक उपस्थित रहे।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

