(अपडेट) तृणमूल सांसद काकाेली घोष ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
कोलकाता, 28 मई (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी विवाद अब और खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के लोकसभा मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी सांसद काकोली घोष दस्तीदार द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर नारदा स्टिंग मामले में काकोली घोष दस्तीदार के खिलाफ अभियोजन की अनुमति देने की मांग करेंगे।
उल्लेखनीय है कि नारदा स्टिंग मामले में तृणमूल सांसद सौगत रॉय और प्रसून बनर्जी के खिलाफ भी सीबीआई ने अभियोजन की अनुमति मांगी थी। इसी बीच काकोली घोष दस्तीदार ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा के भीतर कई बार उनके साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया और महिला सांसदों के प्रति अपमानजनक व्यवहार किया।
मीडिया से बातचीत में कल्याण बनर्जी ने कहा कि अगर मैंने कोई अनुचित या अनैतिक काम किया होता तो नियम के अनुसार तुरंत लोकसभा अध्यक्ष को सूचित किया जाना चाहिए था। इस मामले पर विशेषाधिकार समिति फैसला करेगी।
उन्होंने काकोली के आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि ये सारे आरोप मनगढ़ंत हैं। वह अपने लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश कर रही हैं। वह इसलिए नाराज हैं क्योंकि मैंने उनकी जगह मुख्य सचेतक का पद संभाला है।
कल्याण बनर्जी ने सवाल उठाया कि अगर उनके खिलाफ आरोप सही हैं तो शिकायत उसी समय क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि लोकसभा में अगर इस तरह की कोई टिप्पणी होती है तो उसी समय अध्यक्ष को शिकायत दी जाती है। अब अचानक यह मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है?
उन्होंने काकोली घोष दस्तीदार की लोकसभा उपस्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति इतनी कम रहती है कि आखिर मैंने कब और कहां ऐसा कहा?
अन्य महिला सांसदों के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के सवाल पर कल्याण बनर्जी ने कहा कि यदि कोई अन्य महिला सांसद शिकायत करती हैं तो वह उसका जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि काकोली का बयान बाकी महिला सांसदों का बयान नहीं माना जा सकता।
नारदा स्टिंग ऑपरेशन का जिक्र करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि काकोली घोष दस्तीदार कथित तौर पर कैमरे पर पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए दिखाई दी थीं। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच कर चुकी है। कई बंगाल मंत्रियों की पहले गिरफ्तारी भी हो चुकी है, फिर उन्हें विशेष संरक्षण क्यों दिया जा रहा है? मैं लोकसभा अध्यक्ष से उनके खिलाफ अभियोजन की अनुमति देने का अनुरोध करूंगा।
उन्होंने यह भी कहा, “मैं दोबारा कह रहा हूं कि उन्होंने पांच लाख रुपये रिश्वत ली थी। वह जितने चाहें मानहानि के मुकदमे कर लें।”
कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि काकोली घोष दस्तीदार पश्चिम बंगाल में पढ़ाई करने वालों को कमतर समझती हैं। उन्होंने कहा कि मैंने पश्चिम बंगाल में पढ़ाई की है और उन्होंने लंदन में। शायद इसी वजह से वह मुझे अशिक्षित मानती हैं।
उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद कई नेताओं के विचार और रुख बदल गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

