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जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक सहित तीन विधेयकों के लिए गठित जेपीसी का कार्यकाल बढ़ा

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जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक सहित तीन विधेयकों के लिए गठित जेपीसी का कार्यकाल बढ़ा


नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। लोकसभा ने शुक्रवार को तीन महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा बढ़ा दी है।

इन विधेयकों में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और केंद्रशासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 शामिल हैं। अब जेपीसी अपनी रिपोर्ट 2026 के मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक पेश करेगी।

सरकार ने कहा है कि इन अहम विधेयकों पर गहन विचार-विमर्श के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। विपक्ष भी इन पर विस्तृत चर्चा की मांग करता रहा है।

राज्यसभा सचिव पीसी मोदी ने सदन में इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा ने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें राज्यसभा से अनुरोध किया गया है कि जेपीसी की रिपोर्ट पेश करने की समय-सीमा बढ़ा दी जाए।

यह जेपीसी इन तीन विधेयकों पर काम कर रही है जिसमें संविधान (130वाँ संशोधन) विधेयक, 2025

, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश शासन संशोधन विधेयक, 2025

शामिल है। अब यह रिपोर्ट 2026 के मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक प्रस्तुत की जा सकेगी।

उल्लेखनीय है कि संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और केंद्रशासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 (अगस्त 2025 में पेश) का उद्देश्य गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिनों से अधिक हिरासत में रहने वाले मंत्रियों या मुख्यमंत्रियों को पद से हटाना है। ये विधेयक जो जेपीसी को भेजे गए हैं, राष्ट्रपति और उपराज्यपाल को ऐसे व्यक्तियों को हटाने का अधिकार देते हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 75, 164 में संशोधन का प्रस्ताव करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी