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जेपी नड्डा ने की लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों की समीक्षा

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जेपी नड्डा ने की लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों की समीक्षा


नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और उसके संबद्ध अस्पतालों—सुचेता कृपलानी अस्पताल तथा कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल—में स्वास्थ्य सुविधाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल के विस्तार कार्य की जानकारी दी गई। समीक्षा के दौरान अस्पताल प्रशासन ने जानकारी दी कि अस्पताल की बेड क्षमता 394 से बढ़ाकर 894 की जा रही है। वहीं, आईसीयू बेड 40 से बढ़ाकर 200 और ऑपरेशन थिएटरों की संख्या 4 से बढ़ाकर 12 करने की योजना है। अस्पताल परिसर में निर्माण कार्य जारी है।

इस मौके पर जेपी नड्डा ने कहा कि अस्पतालों में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं की योजना मरीज-केंद्रित और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती को बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ आगे बढ़ाने की बात कही।

स्वास्थ्य मंत्री ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों के लिए दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार करने पर भी जोर दिया। इसमें तत्काल जरूरतों के साथ आने वाले वर्षों की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान की आवश्यकताओं को शामिल करने की बात कही गई।

स्किल लैब का किया निरीक्षण

नड्डा ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की अत्याधुनिक स्किल लैब का दौरा भी किया। यह सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण केंद्र है, जहां मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों को नियंत्रित वातावरण में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

स्किल लैब में आईसीयू, सर्जिकल स्किल्स, सिमुलेटेड ओटी, ऑब्स्टेट्रिक्स ओटी, एनआईसीयू, ट्रॉमा, ईएनटी और नेत्र चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं।

नवजात देखभाल केंद्र का भी दौरा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल के हाल ही में शुरू हुए लेवल तीन बी नियोनेटल केयर सेंटर का भी निरीक्षण किया।

अस्पताल के अनुसार, नियोनेटोलॉजी विभाग में 80 इंटेंसिव केयर बेड हैं और यहां हर साल 10,000 से अधिक प्रसव तथा करीब 2,500 एनआईसीयू दाखिले होते हैं। विभाग में नवजात शिशुओं के लिए उन्नत वेंटिलेशन, मॉनिटरिंग और अन्य विशेष उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं।

नए एनआईसीयू -बी में 7 एनआईसीयू बेड, 8 एचडीयू बेड, 15 कंगारू मदर केयर बेड और माताओं के लिए 12 बेड हैं। यहां परिवार-केंद्रित देखभाल, कंगारू मदर केयर और स्तनपान सहायता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ सुनील कुमार बर्नवाल, डीजीएचएस डॉ. एल.जी. कृष्णा सहित स्वास्थ्य मंत्रालय और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी