जयराम रमेश ने दिया राज्यसभा में किरेन रिजिजू और नड्डा के खिलाफ 'विशेषाधिकार हनन' का नोटिस

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जयराम रमेश ने दिया राज्यसभा में किरेन रिजिजू और नड्डा के खिलाफ 'विशेषाधिकार हनन' का नोटिस


नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। कांग्रेस के राज्यसभा के मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने सोमवार को राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस प्रस्तुत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताद्वय ने कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ “झूठी और भ्रामक” टिप्पणियां कीं। उन्होंने ऐसे बयानों का हवाला दिया जो डीके शिवकुमार ने नहीं दिए थे।

जयराम रमेश ने राज्यसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियम के नियम 188 के तहत दोनों नेताओं के खिलाफ दो अलग-अलग नोटिस दिए हैं, जो राज्यसभा के सभापति को सम्बोधित हैं। जयराम ने पहले नोटिस में लिखा है कि 24 मार्च 2025 को सदन की बैठक शुरू होने के तुरंत बाद रिजिजू ने डीके शिवकुमार द्वारा कथित रूप से दिए गए कुछ झूठे बयानों का हवाला देकर सदन को गुमराह किया था। हालांकि, डीके शिवकुमार ने उनके द्वारा दिए गए बयानों को गलत और अपमानजनक बताया है, इसलिए रिजिजू द्वारा की गई टिप्पणी झूठी और भ्रामक है, जो विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना ​​है।

नेता सदन के खिलाफ पेश नोटिस में जयराम रमेश ने लिखा है कि 24 मार्च 2025 को अपराह्न लगभग 02:12 बजे सदन के नेता जेपी नड्डा ने कई बातें कहीं। उसके साथ ही नड्डा ने कहा, नेता विपक्ष ने सदन में आज जो बातें कहीं हैं वो सरासर झूठ और गलत हैं...। यह कांग्रेस का इतिहास रहा है। कर्नाटक विधानसभा में ठेकेदारों को कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए 4 प्रतिशत का रिजर्वेशन देने का प्रस्ताव पारित किया है। ये आंबेडकर के रखवाले बनते हैं। सरदार पटेल और आंबेडकर ने कहा था कि धर्म के आधार पर रिजर्वेशन नहीं होगा। इन्होंने तेलंगाना की विधानसभा में पहले तो एससी, एसटी और ओबीसी का हक मारकर रिजर्वेशन माइनॉरिटीज को देने का काम किया है और अब मुसलमानों को स्पेसिफिकली, ओबीसी में बैकडोर से एंट्री देने का कुत्सित प्रयास किया है। इतिहास इस बात का गवाह है। अभी भी मेरे वक्तव्य के बाद डीके शिवकुमार ने फिर से कहा है कि संविधान कांग्रेस ने दिया है और संविधान को बदलने का काम भी कांग्रेस करेगी। देयर इस नो रिपेंटेंस...।

जयराम रमेश ने नोटिस में लिखा है कि उपरोक्त टिप्पणियां पूरी तरह से झूठी हैं, इनमें तथ्यात्मक आधार का अभाव है। इन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और उसके नेताओं को बदनाम करने के पूर्व-नियोजित उद्देश्य से किया गया है, इसलिए ये विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना ​​है। यह सर्वविदित है कि सदन में झूठे और भ्रामक बयान देना विशेषाधिकार का उल्लंघन तथा सदन की अवमानना ​​है। इसलिए उपर्युक्त के मद्देनजर मैं अनुरोध करता हूं कि इस मामले में नड्डा और रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जाए।

जयराम रमेश ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि यह अभूतपूर्व है कि हमें सदन के नेता और संसदीय कार्य मंत्री दोनों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा में कहा था कि इस संविधान को पारित करने का श्रेय कांग्रेस को जाता है। अगर कांग्रेस नहीं होती तो संविधान भी नहीं होता।

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हिन्दुस्थान समाचार / दधिबल यादव