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उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जीएसएलवी-एफ18 मिशन की सफल लॉन्चिंग के लिए इसरो की टीम को दी बधाई

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उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जीएसएलवी-एफ18 मिशन की सफल लॉन्चिंग के लिए इसरो की टीम को दी बधाई


नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को जीएसएलवी-एफ18 मिशन की सफल लॉन्चिंग के लिए इसरो की टीम को हार्दिक बधाई।

उपराष्ट्रपति ने एक्स पर लिखा, जीएसएलवी-एफ18 मिशन के जरिए एनवीएस-03 नेविगेशन सैटेलाइट को उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित किया गया है। यह उपलब्धि भारत के स्वदेशी 'नाविक' नेविगेशन सिस्टम को मजबूत बनाती है। हमारी सैटेलाइट-आधारित नेविगेशन क्षमताओं को बढ़ाती है और अंतरिक्ष तकनीक तथा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश की बढ़ती हुई क्षमता को दर्शाती है। भारत की अंतरिक्ष यात्रा में आगे भी कई और उपलब्धियां हासिल करने के लिए इसरो की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह मिशन स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम, 'नाविक' को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर क्षमताओं से लैस, एनवीएस-03 महत्वपूर्ण तकनीकों में आत्मनिर्भर बनने के हमारे प्रयासों को आगे बढ़ाएगा और ऐसी नेविगेशन सेवाओं में मदद करेगा जिनसे देश के लोगों को लाभ मिलेगा। भारत के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का समर्पण और उनकी सूझबूझ लगातार देश को गौरवान्वित कर रही है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि रणनीतिक तथा महत्वपूर्ण तकनीकों में देश की क्षमताओं को आगे बढ़ाती है। यह नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता से प्रेरित 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को दर्शाती है। इस मिशन की सफलता भारत के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के समर्पण, सूझबूझ तथा प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह उपलब्धि भारत के स्वदेशी 'नाविक' नेविगेशन सिस्टम को मजबूत करने, तकनीकी आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने और नेविगेशन क्षमताओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक और अहम पड़ाव है। अंतरिक्ष समुदाय का असाधारण समर्पण, नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता लगातार भारत की वैश्विक साख को ऊंचा कर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित कर रहे हैं।

वहीं, शुक्रवार को केन्द्रीय प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती क्षमता और अपनी स्वदेशी नेविगेशन क्षमताओं को मजबूत करने के प्रति सभी के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी सुधारों के साथ, अंतरिक्ष में भारत की सफलता की कहानियां देश के संस्थापकों विक्रम साराभाई और सतीश धवन के सपनों को साकार करती हैं। आज भारत के लिए एक और गर्व के क्षण का जश्न मनाने का दिन है।

उल्लेखनीय है कि कल (शुक्रवार) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से तीसरी पीढ़ी के नेविगेशन सैटेलाइट एनवीएस-03 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर दिया है। इस उपग्रह को जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट के जरिए रात 11:51 बजे लॉन्च किया गया। लॉन्चिंग के कुछ समय बाद ही जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट ने अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। रॉकेट ने एनवीएस-03 उपग्रह को निर्धारित जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में स्थापित कर दिया है। इस नए सैटेलाइट में सटीक समय की गणना के लिए विदेशी (आयातित) एटॉमिक घड़ी लगाई गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी