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भारतीय जहाज 'मैसूर' ने मलेशिया के समुद्री अभ्यास 'समुद्र लक्ष्मण' में हिस्सा लिया

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भारतीय जहाज 'मैसूर' ने मलेशिया के समुद्री अभ्यास 'समुद्र लक्ष्मण' में हिस्सा लिया

- दोनों नौसेनाओं के बीच अनुभव साझा करने और आपसी समझ को बढ़ावा मिला

नई दिल्ली, 14 सितंबर (हि.स.)। ऑपरेशनल तैनाती के हिस्से के तौर पर भारतीय जहाज 'मैसूर' ने मलेशिया के लुमुट में रॉयल मलेशियन नेवी के साथ एक्सरसाइज 'समुद्र लक्ष्मण' के चौथे संस्करण में हिस्सा लिया। इस अभ्यास ने भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियन नेवी को कई तरह की प्रोफेशनल और ऑपरेशनल गतिविधियों में शामिल होने का मौका दिया। बंदरगाह चरण में दोनों नौसेनाओं के बीच प्रोफेशनल लेन-देन और बातचीत हुई, जिससे अनुभव साझा करने और आपसी समझ को बढ़ावा मिला।

नौसेना के मुताबिक यह जुड़ाव समुद्र में ऑपरेशनल फेज तक आगे बढ़ा, जिसके दौरान आईएनएस मैसूर ने रॉयल मलेशियन नेवी के जहाजों केडी लेकिर और केडी गगाह समुद्रा के साथ समुद्री अभ्यास किया। हिस्सा लेने वाले जहाजों ने मिलकर समुद्री बदलाव किए, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने, ऑपरेशनल तालमेल को बेहतर बनाने और एक साथ असरदार तरीके से काम करने की उनकी क्षमता को मजबूत करने का मौका मिला। इस अभ्यास का पूरा होना भारत और मलेशिया के बीच नेवल सहयोग की बढ़ती गहराई और मैच्योरिटी को दिखाता है। यह दोनों समुद्री सेनाओं के बीच बेहतर ऑपरेशनल समझ बनाने में लगातार प्रोफेशनल जुड़ाव और प्रैक्टिकल सहयोग की अहमियत को भी दिखाता है।

नौसैन्य अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ भारत-मलेशिया की बढ़ती समुद्री पार्टनरशिप में एक और अहम जुड़ाव है। एक जुलाई को हुई 12वीं भारत-मलेशिया सब कमेटी मीटिंग समेत हाल की द्विपक्षीय मुलाकातों से बनी तेजी को आगे बढ़ाते हुए इस अभ्यास ने दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग की नींव को और मजबूत किया है। आईएनएस मैसूर भारतीय नौसेना की परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में 9 सितंबर को मलेशिया के लुमुट पहुंचा था। आईएनएस मैसूर के चालक दल का रॉयल मलेशियन नौसेना के कर्मियों और मलेशिया में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने अत्यंत उत्साह के साथ स्वागत किया गया।

'समुद्र लक्ष्मण' अभ्यास में बंदरगाह और समुद्र में पेशेवर गतिविधियां शामिल रहीं, जिनमें क्रॉस-डेक दौरे, परिचालन संबंधी बातचीत और खेल गतिविधियां हैं। इन गतिविधियों ने दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान करने, अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने और आपसी समझ को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान किया। भारतीय जहाज की यह यात्रा भारत और मलेशिया के बीच मजबूत और स्थायी समुद्री साझेदारी को रेखांकित करती है और दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग के बढ़ते दायरे को दर्शाती है।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम