स्पेन के विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति से की मुलाकात
नई दिल्ली, 21 जनवरी (हि.स.)। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की।
राष्ट्रपति भवन में अल्बारेस का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन के संबंध सदियों पुराने हैं, जिन्हें व्यापार, संस्कृति तथा लोकतंत्र और बहुलतावाद जैसे साझा मूल्यों ने समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि साल 2026 दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ का वर्ष है, जिसे ‘भारत–स्पेन द्वैध वर्ष: संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के रूप में मनाया जा रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच आर्थिक संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं तथा व्यापार और निवेश में विस्तार देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी सेवाओं और रक्षा एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में स्पेन की विशेषज्ञता भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
राष्ट्रपति ने बहुपक्षवाद के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि भारत और स्पेन को संयुक्त राष्ट्र और जी-20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर वैश्विक शांति, समृद्धि और स्थिरता के साझा लक्ष्यों के लिए कार्य करना चाहिए।
आतंकवाद के मुद्दे पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और स्पेन की स्थिति समान है तथा आतंकवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से निपटने के लिए दोनों देशों को अपने संसाधनों और क्षमताओं को एकजुट करना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध निरंतर प्रगाढ़ हो रहे हैं और भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष तथा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत करने के लिए उत्सुक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

