भारत-सिंगापुर आतंकवाद और सीमा पार अपराध के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर सहमत
नई दिल्ली, 08 मई (हि.स.)। भारत और सिंगापुर ने आतंकवाद तथा सीमा पार अपराध के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा करते हुए इसके खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति की बात दोहराई।
भारत और सिंगापुर के बीच आतंकवाद एवं सीमा-पार अपराध से निपटने पर संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की पांचवीं बैठक 7 मई को नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आतंकवाद-रोधी) डॉ. विनोद बहादे और सिंगापुर के गृह मंत्रालय में उप सचिव (नीति) न्गियम शिह चुन ने की।
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत और सिंगापुर ने रणनीतिक साझेदार के तौर पर आतंकवाद का मुकाबला करने में द्विपक्षीय सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। जेडब्ल्यूजी ने बैठक में सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की स्पष्ट और कड़े शब्दों में निंदा की और आतंकवाद के प्रति 'शून्य सहनशीलता' के सिद्धांत की पुनः पुष्टि की।
जेडब्ल्यूजी ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किला क्षेत्र के निकट हुई आतंकवादी घटना की भी कड़े शब्दों में निंदा की। जेडब्ल्यूजी इस बात पर सहमत हुआ कि आतंकवाद का सामना करने के लिए निरंतर और व्यापक स्तर पर समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। इस संदर्भ में दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र, आसियान, वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) तथा अन्य बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
संयुक्त कार्य समूह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा सूचीबद्ध आतंकवादियों और आतंकी समूहों का मुकाबला करने में सहयोग पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने सीमा पार के खतरों से निपटने के लिए सूचना साझाकरण को और प्रभावी तथा समयबद्ध बनाने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
बैठक में आतंकवादियों की भर्ती, आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, कट्टरपंथ, आतंकवादी गतिविधियों के लिए प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसे पारंपरिक एवं उभरते खतरों पर भी चर्चा हुई। क्षेत्रीय और वैश्विक आतंकवाद के खतरे के आकलन, साइबर अपराधों, नशीले पदार्थों की तस्करी और सीमा पार संगठित अपराध तथा आतंकवाद के गठजोड़ पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया और इन चुनौतियों से निपटने में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल ने भारत के एंटी-स्कैम सेंटर का भी दौरा किया। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी और धोखाधड़ी से निपटने में वैश्विक सहयोग के महत्व पर जोर दिया तथा सूचना आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम प्रथाओं के साझा उपयोग के माध्यम से सहयोग मजबूत करने की इच्छा जताई।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

