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केंद्र, नागालैंड सरकार और ईएनपीओ ने एफएनटीए गठन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए

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केंद्र, नागालैंड सरकार और ईएनपीओ ने एफएनटीए गठन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए


नई दिल्ली, 05 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में गुरुवार को यहां केंद्र सरकार, नागालैंड सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के प्रतिनिधियों के साथ नागालैंड राज्य के भीतर फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीए) के गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो भी उपस्थित रहे।

समझौते के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह दिन नॉर्थ-ईस्ट को विवाद-मुक्त, हिंसा-मुक्त और विकसित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर क्षेत्रीय विवाद का लोकतांत्रिक तरीके से समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अमित शाह ने 2021-22 का जिक्र करते हुए कहा कि जब ईएनपीओ ने चुनाव बहिष्कार की घोषणा की थी, तब उन्होंने संगठन से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भरोसा रखने की अपील की थी और समाधान का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने ईएनपीओ और नागालैंड सरकार के बीच सेतु की भूमिका निभाते हुए इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान निकाला है।

गृह मंत्री ने कहा कि ईस्टर्न नागालैंड एक रणनीतिक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसके विकास के लिए केंद्र सरकार पूरी जिम्मेदारी निभाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एफएनटीए के गठन, प्रशासनिक ढांचे और शुरुआती खर्चों के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी तथा हर साल एक निश्चित राशि भी तय की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2019 के बाद से नॉर्थ-ईस्ट में 12 से अधिक महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं और मोदी सरकार की परंपरा रही है कि वह केवल समझौते ही नहीं करती, बल्कि उनके पूर्ण क्रियान्वयन के लिए भी प्रतिबद्ध रहती है।

मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि यह समझौता आपसी विश्वास को दर्शाता है और ईस्टर्न नागालैंड की आकांक्षाओं के साथ-साथ पूरे राज्य के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने ईस्टर्न नागालैंड के लोगों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि एक यात्रा का अंत हुआ है और विकास की नई यात्रा शुरू हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रति आभार जताते हुए सभी नागा जनजातियों से इसे नागा समाज की साझा जीत के रूप में देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार के आभारी हैं और उम्मीद करते हैं कि केंद्र हमें सर्वांगीण विकास की दिशा में मार्गदर्शन देता रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार